अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर जा रहे एक व्यापारी जहाज को मिसाइल हमले से रोक दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, गाम्बिया के झंडे वाला मालवाहक जहाज एम/वी लियान स्टार ओमान की खाड़ी के रास्ते एक ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। अमेरिकी सेना ने जहाज को 20 से अधिक बार चेतावनी दी, लेकिन चालक दल ने निर्देशों का पालन नहीं किया।
समुद्री नाकेबंदी के बीच अमेरिकी कार्रवाई
सेंटकॉम के मुताबिक, इसके बाद एक अमेरिकी सैन्य विमान ने जहाज के इंजन कक्ष पर हेलफायर मिसाइल दागी, जिससे जहाज आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि अब यह जहाज ईरान की ओर नहीं जा रहा है। अमेरिका ने बताया कि यह कार्रवाई क्षेत्र में लागू समुद्री नाकेबंदी का हिस्सा है। सेंटकॉम के अनुसार, अब तक पांच व्यावसायिक जहाजों को रोका या निष्क्रिय किया जा चुका है, जबकि 116 अन्य जहाजों का रास्ता बदलवाया गया है ताकि नाकेबंदी को पूरी तरह लागू किया जा सके।
यह समुद्री अभियान 17 अप्रैल को शुरू किया गया था। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री मार्गों पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश की, जिसके जवाब में यह कदम उठाया गया। इस क्षेत्र से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल, गैस और अन्य महत्वपूर्ण सामान गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार को प्रभावित करता है। हालांकि क्षेत्र में तनाव जारी है, फिर भी 7 अप्रैल से लागू संघर्ष विराम अभी तक बना हुआ है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस युद्धविराम को 60 दिन और बढ़ाने की संभावना पर विचार कर रहे हैं ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नई बातचीत शुरू की जा सके।
नियमों के उल्लंघन पर ईरान की चेतावनी
समुद्री मार्गों में बाधा के कारण तेल, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) और उर्वरक जैसे जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे वैश्विक बाजारों और उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। अमेरिका का कहना है कि नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान की निर्यात क्षमता को सीमित करना और उसकी आर्थिक आय पर दबाव बढ़ाना है। वहीं, ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने चेतावनी दी है कि उसके नियंत्रण वाले समुद्री क्षेत्र में हस्तक्षेप करने वाले किसी भी सैन्य जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। सरकारी टीवी के माध्यम से जारी बयान में कहा गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों की समुद्री सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ सकती है।
कतर ने होर्मुज में टोल का किया विरोध
इस बीच, कतर ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर स्थायी शुल्क लगाने का विरोध किया है। कतर के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मामलों के मंत्री शेख सऊद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा कि स्थायी शुल्क से वैश्विक उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि शुल्क का उपयोग सीमित अवधि के लिए समुद्री सुरक्षा या बारूदी सुरंगों को हटाने जैसे कार्यों में किया जाए तो इस पर बातचीत संभव है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, समुद्री नाकेबंदी और अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं या क्षेत्र एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ता है।







