US-Iran-‘अभी पक्का नहीं समझौता’, ट्रंप ने ईरान को फिर चेताया, कहा- समझौता पसंद नहीं आएगा तो उनके सिर पर बरसाएंगे बम

Spread the love

मेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए समझौते को लेकर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच हुआ समझौता अभी अंतिम नहीं है और यदि ईरान ने तय शर्तों का पालन नहीं किया तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप के इस बयान ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

 

अमेरिका-ईरान समझौते पर संशय बरकरार

ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या यह समझौता अंतिम है, तो उन्होंने जवाब दिया, “नहीं, यह अंतिम नहीं है।” उन्होंने कहा कि यह फिलहाल एक समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) है। ट्रंप ने कहा कि अगर मुझे यह पसंद नहीं आया तो हम फिर उन पर गोलीबारी शुरू कर देंगे। उनके सिर पर फिर बम गिराएंगे।” उन्होंने दोहराया कि यदि ईरान ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप के इस बयान को ईरान के लिए सीधी चेतावनी माना जा रहा है।

 

बाजार और होर्मुज को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका-ईरान समझौता बेहद मजबूत है। उन्होंने कहा कि किसी को पूरी जानकारी नहीं है कि इसमें क्या है, लेकिन यह बहुत मजबूत समझौता है। ट्रंप के मुताबिक इस समझौते से सबसे ज्यादा खुशी वैश्विक बाजारों को हुई है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अगले एक-दो दिनों में पूरी तरह खुल जाएगा। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है और यहां सामान्य स्थिति लौटने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार को राहत मिल सकती है।

क्या अमेरिका ईरान के पुनर्निर्माण में पैसा लगाएगा?

हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि समझौते के तहत ईरान को पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर की सहायता मिल सकती है। हालांकि ट्रंप ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हम 10 सेंट भी नहीं देने जा रहे हैं। हम कोई निवेश नहीं कर रहे हैं और हमारे पास ऐसा कोई फंड नहीं है। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका ईरान में किसी तरह का आर्थिक निवेश नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान को कोई पुनर्निर्माण पैकेज नहीं दिया जाएगा।

और पढ़े  देहरादून: बनेगी राज्य की अपनी एविएशन एकेडमी, सभी जिलों मुख्यालयों को हवाई सेवा से जोड़ने की तैयारी

खाड़ी देशों को लेकर ट्रंप का क्या रुख है?

ट्रंप ने कहा कि वह खाड़ी देशों पर भी ईरान में निवेश करने का दबाव नहीं बना रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि अगर कोई खाड़ी देश निवेश करना चाहता है तो अमेरिका को उससे कोई आपत्ति नहीं होगी। ट्रंप ने कहा कि अगर वे निवेश करते हैं तो ठीक है, लेकिन मेरा मानना है कि वे कुछ समय तक ऐसा नहीं करेंगे, जब तक वे ईरान के व्यवहार को पूरी तरह नहीं देख लेते। ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के प्रति सतर्क रुख बनाए रखना चाहता है और आगे की स्थिति ईरान के कदमों पर निर्भर करेगी।

ओबामा के लिए इस्तेमाल किए आपत्तिजनक शब्द

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) को लेकर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी निशाना साधा। फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने आरोप लगाया कि ओबामा प्रशासन ने समझौते के बदले ईरान को 1.7 अरब डॉलर नकद देकर रिश्वत देने की कोशिश की थी। साथ ही उन्होनें आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। ट्रंप ने दावा किया कि यह रकम एक बोइंग 757 विमान के जरिए ईरान भेजी गई थी। उन्होंने कहा ओबामा ने समझौता करवाने के लिए पैसे दिए, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने उस समय ओबामा प्रशासन को गंभीरता से नहीं लिया और उसका मजाक उड़ाया।


Spread the love
  • Related Posts

    बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा प्रकरण: आरोपी राजेंद्र चौहान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

    Spread the love

    Spread the loveबदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की धनराशि और दान सामग्री की चोरी के मामले में पुलिस ने पूर्व मंदिर अधिकारी व तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र चौहान को…


    Spread the love

    15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट,जानिए दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?

    Spread the love

    Spread the loveभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि देश के…


    Spread the love