US-China: Relations: 14-15 मई को चीन दौरे पर जाएंगे ट्रंप, जिनपिंग के साथ अहम बैठक, रिश्तों में नई गति के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब 14 और 15 मई को चीन का दौरा करेंगे। व्हाइट हाउस ने बुधवार को इसकी घोषणा की। यह यात्रा पहले इसी महीने के अंत में निर्धारित थी, लेकिन ईरान युद्ध के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने ट्रंप की बहुप्रतीक्षित चीन यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप इस साल बाद में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन की वाशिंगटन डीसी में वापसी यात्रा की मेजबानी भी करेंगे। व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप-शी बैठक वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा सहयोग के लिए महत्वपूर्ण है और दोनों नेता जल्द ही द्विपक्षीय मुद्दों पर वार्ता करेंगे।

 

ईरान युद्ध के कारण स्थगित हुई थी यात्रा
जब लीविट से पूछा गया कि क्या दोनों नेताओं ने इस बैठक को फिर से निर्धारित करने की पूर्व शर्त के रूप में युद्ध की समाप्ति पर चर्चा की थी, तो उन्होंने जवाब दिया कि राष्ट्रपति और शी के बीच बैठक को फिर से निर्धारित करने के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई थी। लीविट ने कहा राष्ट्रपति शी ने समझा कि इस समय राष्ट्रपति का पूरे क्षेत्र में यहां होना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्थगित करने के अनुरोध को समझा और स्वीकार किया, इसीलिए हमारी बैठक हो रही है।

पिछले साल दोनों नेताओं की अक्तूबर में हुई थी मुलाकात
जब यह पूछा गया कि क्या मई में होने वाली बैठक तक युद्ध समाप्त हो जाएगा, तो लीविट ने कहा जैसा कि मैंने कहा है, हमने हमेशा लगभग चार से छह सप्ताह का अनुमान लगाया है। ट्रंप और शी आखिरी बार अक्टूबर में बुसान, दक्षिण कोरिया में एपीईसी शिखर सम्मेलन के मौके पर व्यक्तिगत रूप से मिले थे। पिछले हफ्ते ओवल ऑफिस में आयरिश प्रधानमंत्री मिशेल मार्टिन से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वह महीने के अंत के बजाय पांच या छह सप्ताह में चीन जाएंगे।

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उन्होंने कहा था कि वह अपनी चीन यात्रा को फिर से निर्धारित करेंगे। ट्रंप ने कहा हम चीन के साथ काम कर रहे हैं, वे इसके साथ ठीक थे। मैं राष्ट्रपति शी से मिलने के लिए उत्सुक हूं। मुझे लगता है कि वह मुझसे मिलने के लिए उत्सुक हैं।

पश्चिम एशिया में तनाव जारी
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था, जिसके जवाब में इस्लामिक राष्ट्र की जवाबी कार्रवाई ने युद्ध को पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैला दिया था। अमेरिका और इस्राइलके हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। यह संयुक्त हमले ट्रंप द्वारा तेहरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम पर एक नए सौदे पर सहमत होने के लिए दबाव बढ़ाने के दिनों बाद हुए थे। इस संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी भारी असर डाला है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के पार।

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