UP: सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी की 100 करोड़ की बेनामी भूमि हुई सरकारी, होगी नीलामी

जौनपुर से सपा सांसद एवं पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी देशराज सिंह की कानपुर रोड स्थित 100 करोड़ रुपये कीमत की भूमि अब सरकारी हो गई है। इसे आयकर विभाग ने मार्च, 2023 में बेनामी संपत्ति निषेध अधिनियम के तहत जब्त किया था। विभाग के आदेश को नई दिल्ली स्थित निर्णायक प्राधिकारी ने सही पाया है। अब आयकर विभाग इस संपत्ति को अपने कब्जे में लेने के बाद नीलाम कर सकता है।

आयकर विभाग को इस संपत्ति के बारे में देशराज सिंह के कानपुर स्थित आवास पर मई, 2022 में मारे गए छापे के दौरान सुराग मिला था। यह छापा आयकर विभाग के राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट्स की बेनामी संपत्तियों का पता लगाने वाले ‘ऑपरेशन बाबू साहब-2’ अभियान के तहत मारा गया था। जांच में सामने आया था कि पहले यह संपत्ति एक कंपनी के नाम थी, जिसे बाद में बाबू सिंह के करीबी देशराज को कागजों पर बेचा गया था। जबकि संपत्ति पर कब्जा बाबू सिंह का ही पाया गया था। बंथरा इलाके के जुनाबगंज स्थित पांच सितारा होटल के सामने 1.6670 हेक्टेयर भूमि की इस जमीन की खरीद-फरोख्त फर्जी तरीके से की गई थी। कागज में दिखावे मात्र के लिए चेक नंबरों का जिक्र किया गया था।

निदेशक की कार से नकदी मिलने के बाद कार्रवाई
दरअसल, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान आयकर विभाग ने सरोजनीनगर में उद्यमिता विकास संस्थान के निदेशक देवेंद्र पाल की कार से 30 लाख रुपये की नकदी बरामद की थी। इसके बाद लखनऊ, दिल्ली व गाजियाबाद में कई ठिकानों पर छापे में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के दो करीबियों कानपुर के राजू चौहान व देशराज सिंह कुशवाहा के बारे में पता चलाए जो प्रॉपर्टी डीलर थे। उनके ठिकानों से तमाम बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। जांच में पता चला कि उपायुक्त उद्योग राजेश सिंह यादव की मां विमला यादव की समिति ने राजू चौहान और देशराज सिंह को 12-12 बीघा जमीन बेची थी। इस 24 बीघा जमीन की बिक्री मात्र 3.6 करोड़ रुपये में दिखाई गई, जबकि बाजार मूल्य करीब 20 करोड़ रुपये था। समिति ने अलग-अलग जगह करीब 150 बीघा जमीन खरीदी गई थी। वर्ष 2020-21 में समिति ने राजू चौहान और देशराज सिंह कुशवाहा को 12-12 बीघा जमीन बेची थी।

100 करोड़ की संपत्ति हो चुकी है जब्त
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय भी बाबू सिंह कुशवाहा की करीब 100 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को अब तक जब्त कर चुका है। ये कार्रवाई एनआरएचएम घोटाले के तहत की गई है। बसपा सरकार में मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा घोटाले के आरोप में करीब 4 साल जेल में रह चुके हैं। बाहर आने के बाद उन्होंने जन अधिकार मंच नाम से पार्टी बनाई थी। बीते लोकसभा चुनाव में सपा ने उनको जौनपुर से प्रत्याशी बनाया था, जिसके बाद वह सांसद चुने गए थे।

और पढ़े  चौकी बनी बर्थडे पार्टी का अड्डा! बाहरी शख्स ने काटा केक, 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
  • Related Posts

    रुदौली- विधायक रामचंद्र यादव की बड़ी सौगात, लगभग साठ लाख से बने पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का लोकार्पण

      ग्रामीण बच्चों को बेहतर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में रुदौली विधानसभा क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। विधायक रामचंद्र यादव ने बुधवार को…

    अंकित हत्याकांड: पूरे गिरोह में कौन-कौन शामिल? सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग, पंचायत में हर पहलू पर चर्चा

    हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर बृहस्पतिवार को बंतीखेड़ा गांव में बुलाई पंचायत में लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया, लेकिन साथ ही कहा कि पुलिस हत्याकांड…