अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाते हुए वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) और उसके मालिकों के खिलाफ एक बड़ा मानहानि मुकदमा दायर किया है। ट्रंप ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा करते हुए कहा कि यह मुकदमा सिर्फ उनकी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि उन सभी अमेरिकियों के लिए है जो अब ‘फेक न्यूज’ मीडिया के दुरुपयोग को सहन नहीं करेंगे।
ट्रंप के मुताबिक यह ऐतिहासिक मुकदमा डब्ल्यूएसजे के लेखकों के साथ-साथ इसके कॉर्पोरेट मालिकों और सहयोगियों पर दायर किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से रूपर्ट मर्डोक और रॉबर्ट थॉमसन का नाम लेते हुए कहा कि चाहे उनकी भूमिका कुछ भी रही हो, वे इस मुकदमे में सबसे ऊपर हैं। ट्रंप ने इस अखबार को ‘बकवास’ और ‘अब पूरी तरह बदनाम’ बताते हुए कहा कि यह पूरी कार्रवाई एक मिसाल कायम करेगी।
मीडिया की गलत रिपोर्टिंग पर जताई नाराजगी
ट्रंप ने कहा कि डब्ल्यूएसजे ने उनके खिलाफ एक फर्जी, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक लेख प्रकाशित किया है, जो पूरी तरह झूठ पर आधारित है। उन्होंने दावा किया कि यह लेख न केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए था बल्कि पूरे अमेरिका के लोगों को गुमराह करने की कोशिश है। ट्रंप ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब फर्जी खबरों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाए।
गवाहियों और बयानों के लिए तैयार रहें- ट्रंप
ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रूपर्ट मर्डोक और उनके ‘दोस्त’ इस केस में होने वाली लंबी गवाहियों और बयानों के लिए तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि अब कोर्ट में सच्चाई सामने लाई जाएगी और मीडिया की मनमानी पर लगाम लगेगी।
अमेरिका को फिर से महान बनाएंगे
ट्रंप ने अपने पोस्ट का समापन अपने प्रसिद्ध नारे ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के साथ किया। उन्होंने कहा कि यह मुकदमा केवल एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे देश के उन नागरिकों की आवाज है जो अब फर्जी मीडिया के अत्याचार नहीं सहना चाहते।
फेक न्यूज के खिलाफ ट्रंप की लगातार मुहिम
यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के खिलाफ मोर्चा खोला हो। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भी वह सीएनएन, न्यूयॉर्क टाइम्स और अन्य बड़े संस्थानों को ‘फेक न्यूज मीडिया’ कह चुके हैं। इस बार कानूनी कार्रवाई के जरिए ट्रंप ने दिखा दिया है कि वो किसी भी तरह की माफी देने के मूड में नही हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला?
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें 2003 की एक चिट्ठी साझा की गई। दावा किया गया कि यह पत्र डोनाल्ड ट्रंप ने कुख्यात ट्रैफिकर जेफ्री एपस्टीन को लिखा था। रिपोर्ट में कहा गया कि एपस्टीन के कई करीबी दोस्तों ने उसे ऐसे पत्र भेजे थे। इस कथित चिट्ठी में एक नग्न महिला की तस्वीर भी थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रंप ने सफाई दी कि उन्होंने जीवन में कभी कोई चित्र नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि मैं महिलाओं की तस्वीरें नहीं बनाता, यह मेरी भाषा नहीं है। ट्रंप ने इस रिपोर्ट को झूठा और मानहानिकारक बताया है।









