ट्रंप ने कूड़ेदान में फेंकी तेहरान की 10 शर्तें, वेंस बोले- ईरान का प्रस्ताव चैटजीपीटी से लिखा गया

मेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि ईरान ने होर्मुज जलसंधि को खुला रखने पर सहमति दे दी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम रास्ता है। लेविट ने बताया कि ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसे बातचीत के लिए ठोस आधार माना गया है। इससे पहले ईरान ने 10 बिंदुओं का एक प्लान दिया था, लेकिन उसे पूरी तरह खारिज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव इतना कमजोर था कि डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम ने उसे कूड़ेदान में फेंक दिया।

 

लेविट के अनुसार अब ईरान ने संशोधित (मॉडिफाइड) प्रस्ताव पेश किया है, जिसे अमेरिका ने बातचीत के लिए स्वीकार कर लिया है। यह नया प्लान अमेरिका के 15 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के साथ मिलाकर आगे बढ़ाया जाएगा। लेविट ने साफ कहा कि ट्रंप की मुख्य शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सबसे बड़ी शर्त यह है कि ईरान अपने देश में यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप कभी भी ईरान की मनमानी शर्तों को स्वीकार नहीं करेंगे और कोई भी समझौता सिर्फ अमेरिका के हित में ही होगा।

प्रस्ताव का पहला संस्करण चैटजीपीटी द्वारा लिखा गया-जेडी वेंस
हंगरी से रवाना होते समय पत्रकारों से बातचीत में, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि प्रस्ताव का पहला संस्करण तुरंत खारिज कर दिया गया। उन्होंने कहा ‘पहली 10-बिंदु योजना पेश की गई थी, जिसे स्पष्ट रूप से शायद ChatGPT द्वारा तैयार किया गया था, और जिसे स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर को भेजा गया था। यह तुरंत फेंक दी गई और अस्वीकार कर दी गई।’

वेंस ने बताया कि प्रस्ताव का दूसरा संस्करण अधिक सार्थक था और वर्तमान चर्चा की नींव बन गया। उन्होंने कहा ‘दूसरी 10-बिंदु योजना बहुत ही तर्कसंगत थी, जिसे हमारे, पाकिस्तानी और ईरानी पक्ष के बीच बातचीत के आधार पर तैयार किया गया। यह वही 10-बिंदु योजना है जिसका उल्लेख राष्ट्रपति ने कल अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में किया।

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अगले दो हफ्ते अहम समझिए क्यों?
व्हाइट हाउस के मुताबिक, आने वाले दो हफ्ते बहुत महत्वपूर्ण होंगे। इसी दौरान दोनों देशों के बीच बंद कमरे में गुप्त और जटिल बातचीत होगी। हालांकि, यह बातचीत तभी जारी रहेगी जब होर्मुज पूरी तरह खुला रहेगा और वहां किसी तरह की रुकावट नहीं होगी। लेविट के अनुसार, अब बातचीत का अगला दौर इस्लामाबाद में होगा।

इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से एक विशेष टीम भेजी जा रही है। इस टीम का नेतृत्व खुद जेडी वेंस करेंगे। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल होंगे। बताया गया है कि इन वार्ताओं का पहला दौर शनिवार सुबह (स्थानीय समय के अनुसार) शुरू होगा। अमेरिका को इन आमने-सामने की बैठकों से सकारात्मक नतीजों की उम्मीद है।

वार्ता में जेडी वेंस की अहम भूमिका
लेविट ने कहा कि जेडी वेंस राष्ट्रपति के “राइट-हैंड” की तरह काम कर रहे हैं और अब तक हुई सभी चर्चाओं में शामिल रहे हैं। यही वजह है कि उन्हें इस नए चरण की बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही लेविट ने सीजफायर (युद्धविराम) को लेकर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि लेबनान इस युद्धविराम का हिस्सा नहीं है और यह बात सभी संबंधित पक्षों को बता दी गई है।

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