मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इस बार बारिश का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिल रहा है। रीवा और बालाघाट में मंगलवार को अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भी भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सतना, मऊगंज, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, निवाड़ी समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
प्रदेश के केवल 15 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इनमें अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना शामिल हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि ऊपरी स्तर पर दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण मौजूद हैं। दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इनके असर से पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार 17 से 21 अगस्त के बीच प्रदेश के दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
जून की कमी अभी भी पूरी नहीं
जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश के कारण स्थिति कुछ सुधरी और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मानसून में दो बार ब्रेक आने के बाद अगस्त के अंतिम हिस्से में एक बार फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक करीब 13 प्रतिशत बारिश कम है। मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों की सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है।







