भारत से लगते विभिन्न देशों के बॉर्डर और आंतरिक सुरक्षा घेरे को मजबूती प्रदान करने के लिए 53 नई बटालियन सृजित की जाएंगी। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ‘सीएपीएफ’ द्वारा गृह मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव पर गंभीरता के साथ विचार किया जा रहा है। जल्द ही इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के आसार हैं। इससे केंद्रीय सुरक्षा बलों में 55 हजार जवानों की भर्ती होगी। सबसे अधिक जवान सीआरपीएफ को मिलेंगे।
तीन वर्ष में स्वीकृत हुई बटालियन
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल सीआईएसए’ में तीन वर्ष के दौरान तीन बटालियनों के सृजन को मंजूरी दी गई है। ये बटालियन अब स्थापित हो चुकी हैं। तीन हजार से अधिक जवान सीआईएसएफ का हिस्सा बन गए हैं। भारत और चीन के बॉर्डर पर तैनात आईटीबीपी में भी सात बटालियनों के सृजन को मंजूरी दी गई है। ये बटालियन अब स्थापित हो चुकी हैं। आईटीबीपी में लगभग आठ हजार जवानों की भर्ती के अलावा एक सेक्टर मुख्यालय भी स्थापित किया गया है।
इन केंद्रीय बलों को मिलेंगी बटालियन
विभाग-संबंधित गृह कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा राज्यसभा में पेश की गई 257वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय बलों में 53 नई बटालियनों का प्रपोजल गृह मंत्रालय को भेजा गया है। सीआरपीएफ में 20 अतिरिक्त बटालियन सृजित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही सीआरपीएफ में करीब 22 हजार जवानों की भर्ती होगी।
बीएसएफ में दो अतिरिक्त सेक्टर भी बनेंगे
बीएसएफ में दो अतिरिक्त सेक्टर मुख्यालय तथा 16 बटालियन सृजित किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। सशस्त्र सीमा बल ‘एसएसबी’ में एक नए सेक्टर और 12 बटालियनों के सृजन का प्रस्ताव है। सेक्टर पर आईजी स्तर का अधिकारी बैठता है। असम राइफल में पांच बटालियन सृजित करने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा गया है। इससे असम राइफल में पांच हजार से ज्यादा जवान शामिल होंगे।








