इसरो मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, तलाशी में नहीं मिला कुछ

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बंगलूरू स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद गुरुवार को सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और बाद में यह धमकी फर्जी साबित हुई।

पुलिस के अनुसार, धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस टीम, डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक एवं बम खोजी दस्ता (बीडीडीएस) इसरो मुख्यालय पहुंचा। एहतियात के तौर पर भवन में मौजूद सभी कर्मचारियों को बाहर निकाला गया और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। जांच के बाद धमकी को फर्जी बताया है।
बंगलूरू पुलिस कमिश्नर ने कहा कि जांच पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। साइबर सेल ईमेल की आईपी एड्रेस, भेजने वाले व्यक्ति की पहचान और मकसद का पता लगाने में जुटा हुआ है। पुलिस ने बताया कि संजयनगर पुलिस थाना ईमेल भेजने वाले की पहचान और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहा है। मामले की जांच जारी है।

29 जून को बम धमकी के फर्जी ईमेल भेजने वाला पकड़ा गया
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कई संगठनों और एक एयर इंडिया की उड़ान को बम की धमकी वाले फर्जी ईमेल भेजने के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ा है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यह व्यक्ति गाजियाबाद का निवासी है। 36 वर्षीय आरोपी 2008 से मानसिक बीमारी का इलाज करा रहा है।

29 जून को भेजे गए इन ईमेल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय  सहित कई उच्च सुरक्षा प्रतिष्ठानों में बम होने का दावा किया गया था। नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान के लिए भी एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया। इससे तत्काल सुरक्षा जांच शुरू हुई और कई एजेंसियों को सतर्क किया गया। पुलिस ने बताया कि सभी संबंधित संगठनों और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया था। मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया और धमकियां फर्जी पाई गईं। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें ईमेल के डिजिटल ट्रेल को ट्रैक किया गया। तकनीकी जांच के दौरान, पुलिस ने दो मेल खातों का विश्लेषण किया। इन खातों का उपयोग ईमेल भेजने के लिए किया गया था। ईमेल ट्रेल की विस्तृत जांच से जांचकर्ताओं को खातों से जुड़े एक मोबाइल नंबर तक पहुंचने में मदद मिली।

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तकनीकी निगरानी का उपयोग करते हुए, पुलिस दल ने 30 जून को संदिग्ध को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के संयोग नगर में खोज निकाला। पुलिस मौके पर पहुंची और उसके निवास पर संदिग्ध निशांत त्यागी की जांच की। पुलिस के अनुसार, त्यागी ने ओपन स्कूलिंग के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी की थी। उसने 2010 में स्नातक डिग्री कार्यक्रम में दाखिला लिया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया।

मानसिक स्वास्थ्य और आगे की जांच
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर 2008 से मानसिक बीमारी से पीड़ित है। वह वर्षों से विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में इलाज करा रहा है। उसके परिवार के सदस्यों ने भी पुलिस को उसके लंबे चिकित्सा इतिहास के बारे में बताया। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। ईमेल भेजने के पीछे के मकसद और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है, जिसके परिणाम के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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