जैसे ही जनगणना शुरू होगी, वैसे ही कई तरह के ठग भी सक्रिय हो जाते हैं। चूंकि यह जनगणना केंद्र व राज्य सरकार संयुक्त रूप से करा रही है इसलिए राज्य के स्तर से इसमें एहतियाती तैयारियां की जा रही हैं। जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जनगणना की टीम जिस क्षेत्र में जाएगी, वहां के प्रधान, पार्षद, सभासद, गणमान्य लोगों से मिलेगी। उनके माध्यम से पूरे क्षेत्र में जनगणना टीम की जानकारी प्रसारित की जाएगी। इससे लोगों में कोई अनजान व्यक्ति का भय नहीं होगा।
इसी प्रकार, सभी प्रगणकों को एक विशेष आईडी दी जा रही है। इसमें एक क्यूआर कोड होगा। जैसे ही इसे स्कैन करेंगे तो आपको पता चलेगा कि वह प्रगणक किस विभाग का कर्मचारी है। वर्तमान में जनगणना में कहां ड्यूटी लगाई गई है। इससे सभी तरह के खतरे भी दूर हो जाएंगे। आईडी कार्ड को अपने मोबाइल से आसानी से स्कैन किया जा सकता है।