रोड का झटका जेब पर पड़ेगा भारी, एक्सप्रेसवे पर फर्राटेदार सफर करना आपकी जेब पर पड़ेगा भारी ढीली होगी जेब,एनएचएआई 1 अप्रैल से बढ़ा देगा टोल दरें
1 अप्रैल से हाईवे और एक्सप्रेसवे के फर्राटेदार सफर के लिए लोगों को अपनी जेब अधिक ढीली करनी होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के राष्ट्रीय सड़क शुल्क विनियम 2008 के अनुसार टोल दरें बढ़ाने की तैयारी कर ली है।
इस नियम के तहत एक अप्रैल से हर साल टोल दरें बढ़ाने का प्रावधान है। इसी प्रावधान के तहत एक अप्रैल से सभी टोल दरों में संशोधन किया जाएगा। नियम के अनुसार निजी वाहनों के लिए पांच और वाणिज्यिक वाहनों के लिए 10 फीसदी की बढ़ोतरी को संशोधन किया जाना होता है। हालांकि कई बार एनएचएआई की परियोजना का क्रियान्वन करने वाली इकाई (पीआईयू) अपनी ओर से टोल दरों में बढ़ोतरी और घटोतरी का प्रस्ताव देकर अपने मुताबिक दरें संशोधित करने का अनुमोदन करने कर सकती है।
गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाइवे पर खेड़की दौला, गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर घामडौज, फरीदाबाद रोड और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलीपुर के बाद हिलालपुर पर टोल प्लाजा हैं। खेड़कीदौला टोल से प्रतिदिन करीब 70 से 80 हजार वाहनों टोल वसूली होती है। यहां एकतरफा यात्रा के कार सवार से 80 रुपये टोल लिया जाता है। 24 घंटे में वापसी पर पर भी यहां पहले जितनी राशि ही चुकानी पड़ती है। इस तरह यहां दो यात्रा के 80 के हिसाब से 160 रुपये वसूले जाते हैं। अब इसमें पांच फीसदी की दर से आठ रुपये की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। यहां टोल दर 80 से बढ़कर 85 होने का अनुमान है।
गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर कार की एकतरफा यात्रा के 115 रुपये लिए जाते हैं। जो अब बढ़कर 120 रुपये होने का अनुमान है। यहां खेड़की दौला टोल से इतर एक यात्रा के 115 रुपये और 24 घंटे में वापसी पर 60 रुपये टोल लगता है। इस तरह यहां 175 रुपये से बढ़कर टोल अब 180 हो सकता है। फरीदबाद रोड पर एक यात्रा के 40 रुपये लिए जाते हैं, अब सह 45 होने की संभावना है।
एनएचएआई ने अपनी सभी परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीयूआई) से 25 मार्च तक संशोधित टोल दरों के प्रस्ताव भेजने को कह रखा है। सभी ईकाइयां अपनी ओर से प्रस्ताव भेज रही है। नई दरें एक अप्रैल से सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की मंजूरी के बाद लागू होंगी। हालांकि अभी किसी इकाई ने अपने प्रस्तावों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन बताया जा रहा है कि सभी ने निजी वाहनों (हल्के वाहनों) के लिए पांच फीसदी और वाणिज्यिक (भारी वाहनों) 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया जा रहा है।







