राम भक्तों के लिए बन रहा जन्मभूमि पथ, 1 लाख श्रद्धालु एक बार में कर सकेंगे रामलला का दर्शन दिसंबर, 2022 के अंत तक होगा पूरा

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अयोध्या-

श्रीराम जन्मभूमि पथ के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन के लिए लंबी दूरी नहीं तय करनी होगी. श्रद्धालु अमावा मंदिर होते हुए सीधे रामलला के परिसर में आएंगे और निकास द्वार से होते हुए फिर उसी जन्मभूमि पथ पर मिल जाएंगे. एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु एक बार में इस सड़क पर आसानी से अपने आराध्य का दर्शन पूजन कर सकेंगे.
राम भक्तों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है जन्मभूमि पथ. एक लाख राम भक्त एक बार में कर सकेंगे रामलला का दर्शन.।बिरला धर्मशाला से सीधे रामलला परिसर में प्रवेश करेंगे श्रद्धालु. भगवान राम की नगरी में राम भक्तों को राम मंदिर तक पहुंचाने के लिए जन्मभूमि पथ का निर्माण किया जा रहा है. 800 मीटर लंबे जन्मभूमि पथ में यात्री सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा. जन्मभूमि पथ मार्च से श्रद्धालुओं के लिए शुरू कर दिया जाएगा. जन्मभूमि पथ के निर्माण की समय सीमा दिसंबर 2022 तक रखी गई है. बताया जा रहा है कि इसी को देखते हुए आगामी 18 और 19 नवंबर को एक बैठक ट्रस्ट की बुलाई गई है. इसमें मार्ग पर यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर भी लोगों से सलाह ली जाएगी. बिरला धर्मशाला के सामने से सुग्रीव किला के बगल से होते हुए अमावा मंदिर रंग महल के पीछे होते हुए सीधे राम जन्मभूमि परिसर तक जन्मभूमि पथ जाएगा. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस जन्मभूमि पथ श्रद्धालुओं को धर्म नगरी में होने का आभास करवाएगा. एक बार में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु इस पथ पर चल सकेंगे. श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए यह पथ बनाया जा रहा है. इसमें भगवान राम के जीवन से आधारित आकृतियां आकर्षण का केंद्र होंगी. इसके अलावा प्राकृतिक संरक्षण पर आधारित कलाकृतियां भी जन्मभूमि पथ पर देखने को मिलेंगी. बता दें कि रामलला का भव्य मंदिर निर्माण हो रहा है. बहुप्रतीक्षित मंदिर की आधारशिला प्रधानमंत्री ने रखी थी. 2023 दिसंबर तक मंदिर निर्माण पूरा हो जाएगा. ऐसे में श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो गया है. बीते दिनों अयोध्या में संपन्न हुए प्राचीन कार्तिक मेले के दौरान रामनगरी की परिक्रमा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की गई और 45 लाख लोगों ने भगवान रामलला की जन्मस्थली की परिक्रमा की थी. ऐसे में राम भक्तों के आगमन और उनकी सुविधाओं को देखते हुए राम भक्तों की सुविधा अनुसार जन्मभूमि पथ का निर्माण कराया जा रहा है. योगी सरकार की नई सौगात, अयोध्या में पर्यटकों को मिलेगा पूरे भारत का पारंपरिक व्यंजन निकासी मार्ग को भी जोड़ा जाएगा जन्मभूमि पथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने कहा कि अभी 100 मीटर चौड़ा यह रास्ता बनाया जा रहा है जो अमावा मंदिर के पीछे तक आने और जाने का दोनों का मार्ग होगा. अमावा मंदिर से रंगमहल होते हुए श्रद्धालु रामलला के परिसर तक पहुंचेंगे. निकास द्वार होते हुए दोबारा जन्मभूमि पथ पर निकाले जाएंगे यानी अमावा मंदिर से जाने और निकासी का मार्ग अलग हो जाएगा. अमावा मंदिर के निकट ही 25000 श्रद्धालुओं के समान जमा करने की व्यवस्था की जाएगी. श्रद्धालु दर्शन उपरांत निकास मार्ग से दोबारा मंदिर के पीछे निकाले जाएंगे जहां से श्रद्धालु अपना सामान लेकर वापस जन्मभूमि पथ पर आ सकें. दिसंबर, 2022 तक पूरा हो जाएगा श्रीराम जन्मभूमि पथ. 14 जनवरी 2024 को राम मंदिर के लोकार्पण की संभावना. श्रद्धालुओं की सुविधाओं से लैस होगा जन्मभूमि पथ कमिश्नर अयोध्या नवदीप रिणवा ने बताया कि 2 सड़के राम जन्मभूमि के लिए जा रही हैं. एक सुग्रीव किला से और दूसरी हनुमानगढ़ी से. ये दोनों सड़कें जल्द ही बनकर तैयार हो जाएंगीं. राम जन्मभूमि पथ 6 महीने के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा. सड़क निर्माण के बाद श्रद्धालुओं के लिए राम जन्मभूमि जाना बहुत ही सुगम हो जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक और बेहतर व्यवस्था सड़क पर रहेगी. 100 फीट चौड़ी सड़क होगी जिसमें श्रद्धालुओं के मूलभूत सुविधाओं का ध्यान में रखा जाएगा. पीने का स्वच्छ पानी का प्रसाधान की व्यवस्था होगी और फुटपाथ भी होगा. इसके अतिरिक्त अंडर ग्राउंड नांलिया बनाई जा रही हैं. दिसंबर तक पूरा हो जाएगा जन्मभूमि पथ का निर्माण अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया कि जन्मभूमि पथ का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. विकास प्राधिकरण के अभियंता लगाए गए हैं और समय-समय पर उनको कार्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. विशाल सिंह के मुताबिक, 18 और 19 नवंबर में एक ट्रस्ट की बैठक है जिसमें स्थानीय लोगों से सलाह ली जाएगी. इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट से वार्ता की जाएगी ताकि जन्मभूमि पथ में थोड़े बहुत संशोधन और यात्री सुविधाओं को और बढ़ाने का काम किया जा सके. पूरा प्रयास होगा कि दिसंबर के अंत तक सुग्रीव किला से राम जन्मभूमि तक बनने वाले मार्ग का निर्माण पूर्ण हो जाए.

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