बीकेटीसी का नाम बदलने, बोर्ड का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव, सरकार लेगी अंतिम निर्णय

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का नाम बदलने व बोर्ड का कार्यकाल बढ़ाकर पांच वर्ष करने की तैयारी है। बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से इसका प्रस्ताव पारित हो चुका है लेकिन इस पर अंतिम निर्णय सरकार को लेना है।

बीकेटीसी का गठन 1939 में बने अधिनियम के अनुसार किया गया है। यह अधिनियम बिट्रिशकाल के समय बना था, जो आज भी लागू किया। वर्तमान समय में अधिनियम में कई ऐसे प्रावधान हैं, जिससे मंदिर समिति के कामकाज में व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं।
इसके अलावा वर्तमान में चारधाम यात्रा तहत केदारनाथ, बदरीनाथ धाम के अलावा अन्य अधीनस्थ मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ रही है। इसे देखते हुए बीकेटीसी बोर्ड ने मंदिर समिति का नाम बदलकर बदरी-केदार प्रबंधन बोर्ड करने का प्रस्ताव बैठक में पारित किया। सभी सदस्यों की सहमति के बाद प्रस्ताव पास कर शासन को भेजा गया। नाम बदलने के पीछे तर्क दिया गया कि प्रत्येक मंदिर की अपनी समिति है।

बदरी-केदार प्रबंधन बोर्ड करने से गरिमा बढ़ेगी, लेकिन कामकाज अधिनियम के अनुसार से होंगे। इसके अलावा बोर्ड का कार्यकाल तीन साल से बढ़ा कर पांच साल करने और सदस्यों की संख्या 10 से बढ़ा कर 15 करने का प्रस्ताव पारित किया गया। बोर्ड बैठक में तीर्थपुरोहितों के सदस्यों की मौजूदगी में प्रस्ताव पारित किया गया था।

बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि बोर्ड के सभी सदस्यों की सहमति पर प्रस्ताव पारित किए जाते हैं। मार्च माह में हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। इस पर निर्णय सरकार लेती है। ब्रिट्रिश काल में 1939 में बने अधिनियम के तहत बीकेटीसी का गठन किया गया। आज भी यह अधिनियम लागू है। बोर्ड के सदस्यों का सुझाव था कि पुराने अधिनियम में कई ऐसे प्रावधान हैं, जो वर्तमान समय के अनुसार व्यवहारिक नहीं है। इसके कई दिक्कतें आ रही हैं।

और पढ़े  मीनाक्षी की मौत से स्वास्थ्य विभाग में मची खलबली: सीएमओ को बंद मिली पहलवान की दुकान, विभाग करेगा कार्रवाई
  • Related Posts

    तीन लोगों को हत्या: जिस घर में चल रही थी दिवाली की तैयारी, वहां बह रहा आंसुओं का सैलाब

    रायपुर के विष्णुलोक कॉलोनी में जिस घर में दिवाली की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। जिस घर को त्योहार से पहले सजाने-संवारने में कपूर दंपती जुटा…

    भांजे ने दो मामा के साथ की ठगी: निवेश के नाम पर लगाया 1.65 करोड़ का चूना, पॉवर ऑफ अटॉर्नी भी बेची

    भांजे ने अपने दो मामा से निवेश के नाम पर 1.65 करोड़ रुपये ठग लिए। जब पीड़ितों ने अपना हिसाब मांगा तो टाल मटोल करने लगा। इस बीच पता यह…