बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का नाम बदलने व बोर्ड का कार्यकाल बढ़ाकर पांच वर्ष करने की तैयारी है। बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से इसका प्रस्ताव पारित हो चुका है लेकिन इस पर अंतिम निर्णय सरकार को लेना है।
बदरी-केदार प्रबंधन बोर्ड करने से गरिमा बढ़ेगी, लेकिन कामकाज अधिनियम के अनुसार से होंगे। इसके अलावा बोर्ड का कार्यकाल तीन साल से बढ़ा कर पांच साल करने और सदस्यों की संख्या 10 से बढ़ा कर 15 करने का प्रस्ताव पारित किया गया। बोर्ड बैठक में तीर्थपुरोहितों के सदस्यों की मौजूदगी में प्रस्ताव पारित किया गया था।
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि बोर्ड के सभी सदस्यों की सहमति पर प्रस्ताव पारित किए जाते हैं। मार्च माह में हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। इस पर निर्णय सरकार लेती है। ब्रिट्रिश काल में 1939 में बने अधिनियम के तहत बीकेटीसी का गठन किया गया। आज भी यह अधिनियम लागू है। बोर्ड के सदस्यों का सुझाव था कि पुराने अधिनियम में कई ऐसे प्रावधान हैं, जो वर्तमान समय के अनुसार व्यवहारिक नहीं है। इसके कई दिक्कतें आ रही हैं।







