गौ रक्षा पर आधारित फ़िल्म ‘गोदान’ आज शहर के पैराडाइज सिनेमा हॉल में रिलीज़ हुई।
फ़िल्म के प्रदर्शन के दौरान संत समाज और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
फ़िल्म देखने के बाद संतों और दर्शकों ने फ़िल्म की जमकर सराहना की।
संतों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।
उनके अनुसार गौ सेवा से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों का विकास होता है।
संतों ने फ़िल्म ‘गोदान’ को जन-जागरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया।
इस फ़िल्म के निर्माता विनोद चौधरी हैं।
फ़िल्म गाय की पौराणिक उत्पत्ति पर आधारित है, जिसमें समुद्र मंथन से प्राप्त बछिया सुरभि का उल्लेख है।
फ़िल्म में वैज्ञानिक तथ्यों के साथ भारतीय संस्कृति में गौ माता की उपयोगिता और महत्व को प्रभावी ढंग से दिखाया गया है।
करीब 2 घंटे 10 मिनट की यह फ़िल्म 6 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज़ हुई,
जिसका उद्देश्य गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाना है।








