राजस्थान के कोटा जिले में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक बार फिर प्रसूताओं की मौत के मामले सामने आने लगे हैं। शुक्रवार को 40 वर्षीय रेशमा की मौत हुई थी। तो वहीं शनिवार को एक और महिला ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बीते 24 घंटे में दो महिलाओं की मौत से एक बार फिर चिकित्सा विभाग पर कई सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन के मुताबिक डिलीवरी के बाद महिला की ब्लीडिंग नहीं रुकी थी और ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी मौत हो गई। वहीं, परिजन बिना पोस्टमार्टम के ही शव ले गए।
वहीं, मृतका रोशन बैरवा के पति महेंद्र ने बताया कि शनिवार सुबह उसकी पत्नी की सांस अचानक फूलने लगी और तबीयत भी बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। पुलिस और अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल परिजनों की तरफ से कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। वहीं, परिजन शव को अपने साथ ले गए।
इसी साल जुलाई और अगस्त के महीनों में भी पांच प्रसूताओं ने सिजेरियन डिलीवरी के बाद दम तोड़ दिया था। इन मामलों में अस्पताल प्रशासन और उस समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को क्लीन चिट भी दे दी गई थी। अब 24 घंटे के भीतर दो महिलाओं की मौत के बाद एक बार फिर अस्पताल में प्रसव के दौरान और उसके बाद मिलने वाले उपचार पर सवाल उठने लगे हैं।







