संगम की धरा पर दान-पुण्य का सिलसिला अनवरत जारी है। यहां एक ऐसा मठ भी डेरा जमाए है, जिसके किस्से सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। इस मठ ने संतों और गाय की सेवा के लिए तकरीबन 200 करोड़ की संपत्ति बेच दी थी।
संगम की धरा पर दान-पुण्य का सिलसिला अनवरत जारी है। यहां एक ऐसा मठ भी डेरा जमाए है, जिसके किस्से सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। इस मठ ने संतों और गाय की सेवा के लिए तकरीबन 200 करोड़ की संपत्ति बेच दी थी।
इसमें बड़ी संख्या में संतों व गरीब-असहायों को भोजन प्रसाद वितरित किया जाता है। वह बताते हैं कि यह संस्कार उन्होंने अपने बाबा स्वामी हरीश्वरानंद तीर्थ (हुकुमानंद जी) से प्राप्त किया।
Spread the loveराममंदिर के सीईओ पद के लिए प्रशासनिक अनुभव के साथ अभ्यर्थियों की भगवान राम के प्रति आस्था भी परखी जा रही है। मंगलवार को शुरू हुए साक्षात्कार के…
Spread the loveश्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए मंगलवार, 11 अगस्त को इंटरव्यू शुरू हुए। पहले दिन तीन पूर्व भारतीय…

