गर्मी- अभी से मई जैसी तपिश, कई जिलों में पारा पंहुचा 40 के पार; 2 दिन के बाद मौसम बदलने की उम्मीद

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त्तर देश में गर्मी ने सितम ढाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को प्रदेश के दक्षिणी जिलों समेत प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और बुंदेलखंड के इलाकों में दिन में गर्मी के साथ ही लू जैसे हालात रहे। लोग तल्ख धूप में अनावश्यक निकलने से बचते दिखे। वहीं पछुआ हवाओं ने भी रफ्तार पकड़ी।

बृहस्पतिवार को दिन में पछुआ की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। इससे पहले बुधवार को कानपुर, झांसी, प्रयागराज, हमीरपुर में इस सीजन और इस साल का सबसे गर्म दिन रहा। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया।

राजधानी में बृहस्पतिवार को दिन में तल्ख धूप रही और उष्ण दिवस जैसे हालात रहे। दिन में 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रूखी पछुआ हवाएं चली। वहीं रात के पारे में 2.5 डिग्री का उछाल आया। दोपहर की तीखी धूप में लोग अनावश्यक बाहर निकलने से बचते दिखे।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि 28 मार्च से पछुआ की रफ्तार और तेज होगी और तात्कालिक तौर पर तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी और तपिश भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। अप्रैल की शुरूआत फिर से चढ़ते हुए पारे के साथ होगी। बृहस्पतिवार को दिन का अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस की उछाल के साथ 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं रात का पारा 2.5 डिग्री सेल्सियस की उछाल के साथ 20.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

पछुआ से बेहतर हुई लखनऊ की हवा

राजधानी में बृहस्पतिवार को पछुआ चलने से हवा की गुणवत्ता थोड़ी बेहतर हुई। औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक पीले यानी मध्यम श्रेणी में रहा। यहां छह वायु गुणवत्ता मापक स्टेशनों में से कुकरैल की हवा हरे यानी सेहत के लिए अच्छी श्रेणी में दर्ज की गई। वहीं गोमतीनगर, तालकटोरा और लालबाग की हवा पीली यानी मध्यम श्रेणी में रही। अलीगंज की हवा सेहत के लिए खराब नारंगी श्रेणी में रही।

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कुकरैल – 83 – हरा- अच्छा
बीबीएयू- 137 – पीला- मध्यम
गोमतीनगर- 177 – पीला- मध्यम
तालकटोरा -181 – पीला- मध्यम
अलीगंज- 214- नारंगी- खराब
लालबाग- 191 – पीला- मध्यम


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