एसआईआर: देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण की कवायद हुई तेज, तैयारियों पर विचार-विमर्श के लिए चुनाव आयोग ने की अहम बैठक

Spread the love

 

तदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को पूरे देश में लागू करने की तैयारियों पर चर्चा के लिए चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। अपने राज्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में चुनाव आयोग ने देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण की कवायद पर विचार-विमर्श किया। बैठक में चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोग की एसआईआर नीति पर एक प्रस्तुति दी। इस दौरान बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर के कार्यान्वयन में राज्य के अनुभव को साझा किया।

सीईओ की यह तीसरी बैठक
फरवरी में ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार ग्रहण करने के बाद सीईओ की यह तीसरी बैठक है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि बुधवार की दिन भर चलने वाली बैठक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें पूरे देश में एसआईआर की तैयारियों पर चर्चा की जा रही है।
एसआईआर पूरे देश में लागू किया जाएगा
आयोग ने कहा है कि बिहार के बाद एसआईआर पूरे देश में लागू किया जाएगा। ऐसे संकेत हैं कि यह प्रक्रिया इस साल के अंत में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले शुरू हो जाएगी।

अवैध विदेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई
इस गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्म स्थान की जांच करके उन्हें बाहर निकालना है। बांग्लादेश और म्यांमार सहित विभिन्न राज्यों में अवैध विदेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के मद्देनजर यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस गहन समीक्षा के तहत चुनाव अधिकारी त्रुटिरहित मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। विपक्षी दलों की ओर से भाजपा की मदद के लिए चुनाव आयोग पर मतदाता आंकड़ों में हेराफेरी करने के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने गहन संशोधन में अतिरिक्त कदम उठाए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अवैध प्रवासी मतदाता सूची में शामिल न हों।

एसआईआर में क्या-क्या?
निर्वाचक बनने या राज्य के बाहर से आने वाले आवेदकों की एक श्रेणी के लिए एक अतिरिक्त ‘घोषणा पत्र’ पेश किया गया है। उन्हें यह शपथपत्र देना होगा कि उनका जन्म 1 जुलाई, 1987 से पहले भारत में हुआ था और उन्हें जन्म तिथि या जन्म स्थान की पुष्टि करने वाला कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। घोषणा पत्र में सूचीबद्ध विकल्पों में से एक यह है कि उनका जन्म 1 जुलाई, 1987 और 2 दिसंबर, 2004 के बीच भारत में हुआ हो। उन्हें अपने माता-पिता की जन्मतिथि या स्थान के बारे में भी दस्तावेज जमा करने होंगे।

और पढ़े  फर्जीवाड़े पर नकेल: सरकारी राशन लेने वालों में 56 लाख आयकरदाता, 7 लाख GST कारोबारी शामिल

Spread the love
  • Related Posts

    ममता की बढ़ी मुश्किलें: ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज, हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद के आयोजकों के खिलाफ हेस्टिंग्स थाने में मामला दर्ज किया गया है।…


    Spread the love

    अंकित बालियान हत्याकांड: ‘चुप हूं, इसका मतलब यह नहीं कि…’, इसलिए तो न लिखी अंकित की हत्या की पटकथा

    Spread the love

    Spread the loveहरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस ने दो शूटरों को दबोच लिया है। पता चला है कि इस वारदात को हरियाणा के पानीपत और करनाल के शूटरों…


    Spread the love