रुद्रप्रयाग- नगरासू गुरुद्वारा विवाद: एक दिन बाद सेवादार को छोड़ा, एक निहंग नीचे उतरा, 5 अभी भी अंदर मौजूद

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गरासू गुरुद्वारा विवाद में गुरुद्वारा की तीसरी मंजिल पर चढ़ा एक निहंग परमवीर सिंह ( 33) ग्राम मलकपुर जिला रुपनगर रुपड़ पंजाब नीचे उतरा गया। हालांकि पांच अभी भी अंदर मौजूद हैं। नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार शाम से चल रहा हाई वोल्टेज ड्रामा रविवार शाम करीब 27 घंटे बाद कुछ शांत हुआ। इससे पहले जिला प्रशासन और निहंगों के बीच तीन दौर की वार्ता हुई लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। निहंग कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग पर अड़े थे।

रविवार शाम के वक्त प्रशासन ने निहंगों से फिर वार्ता की और नीचे उतर आए। उन्होंने बंधक बनाए गए सेवादार नवतेज सिंह को भी छोड़ दिया है। दो निहंग भी नीचे आ गए हैं। अभी पांच निहंग अंदर हैं, जिनसे वार्ता की जा रही है।

गुरुद्वारे में रविवार शाम श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ-साथ अरदास शुरू हो चुकी थी। पुलिस प्रशासन ने इसे आपसी विवाद के कारण स्थिति का बिगड़ना बताया है। नगरासू गुरुद्वारे में सात निहंग गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़ गए थे। बताया जा रहा था कि उन्होंने गुरुद्वारे के सेवादार समेत दो लोगों को बंधक भी बना लिया था। इसके बाद से लगातार पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने निहंगों को मनाने का प्रयास किया लेकिन निहंग अपनी मांग पर अड़े रहे। इस बीच एसपी नीहारिका तोमर ने करीब एक घंटे तक फोन पर निहंगों से बातचीत की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस और अन्य सुरक्षा बल तैनात रहे।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बाबा बेहंत सिंह ने बताया कि निहंगों ने दो लोगों को अपने कब्जे में रखा था। इनमें से एक व्यक्ति को शनिवार देर रात छोड़ दिया था, जबकि एक सेवादार अब भी उनके बंधक था। इधर रविवार शाम के वक्त फिर से प्रशासन ने निहंगों से बात की तो उन्होंने सेवादार को भी छोड़ दिया। इसके बाद गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं का आना जाना शुरू हो गया। गुरुद्वारे में बंधक बनाए गए एक निहंग ने बाहर निकलकर अपना बयान भी जारी किया है।

हम सही सलामत हैं। हम कर्णप्रयाग जाने के लिए नागरसू आए थे। यहां किसी बात को लेकर मतभेद हो गया। इस कारण हमने मोर्चा लगा लिया। अब हम नीचे उतर आए हैं। पुलिस प्रशासन ने हमारा सहयोग किया। अब हम घर जा रहे हैं।
-अकाल सिंह, निहंग

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गुरुद्वारे में लंगर के दौरान प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच विवाद हो गया था। इसकी सूचना कंट्रोल रूम को मिली तो पुलिस पहुंच गई। निहंगों को लगा कि प्रबंध कमेटी ने पुलिस बुला ली है। दोनों बंधकों को छोड़ दिया गया है। निहंगों की कुछ मांगें हैं जिन पर बातचीत चल रही है। निहंगों का विवाद जनता या पुलिस से नहीं है। घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट के संबंध में विशेष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
-राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल

नगरासू गुरुद्वार में अरदास, लंगर और यात्रियों की आवाजाही सुचारु रूप से जारी है। सभी से यह अपील है कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान न दें। गुरुद्वारे में किसी प्रकार का कब्जा या हिंसा या बंधक होने की की बातें असत्य हैं अपुष्ट हैं।
-विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग

विवाद को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी कार्रवाई : गृह सचिव

चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान सामने आए एक विवादित प्रकरण में सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। मामले में सरकार ने चेतावनी दी है कि इसे सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप विस्तृत जांच करेंगे। इस संबंध में शनिवार को गृह सचिव शैलेश बगोली ने बयान जारी किया है।

सचिव बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मामला दो पक्षों के बीच हुए विवाद और भावनात्मक आवेश से जुड़ा हुआ है। देवभूमि उत्तराखंड की पहचान सभी धर्मों और आस्थाओं के प्रति सम्मान, शांति और सौहार्द की रही है। राज्य सरकार किसी भी स्थिति में इस सामाजिक समरसता को प्रभावित नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए आईजी गढ़वाल को निर्देश दिए गए हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से पूरे प्रकरण की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी गई है। यात्रियों और श्रद्धालुओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में संचालित चारधाम सेल को हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ा जाएगा और यात्रा अवधि के दौरान यह व्यवस्था चौबीसों घंटे कार्य करेगी।

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गृह सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर या मामले को सांप्रदायिक रंग देकर राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले तत्वों की पहचान की जाएगी। अफवाह फैलाने और सामाजिक वैमनस्य बढ़ाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं और नागरिकों से संयम बनाए रखने तथा किसी भी शिकायत के लिए प्रशासनिक और पुलिस तंत्र का सहयोग लेने की अपील की।


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