ऋषिकेश एम्स ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के दंत चिकित्सा विभाग की मुख एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी टीम ने जबड़े के जोड़ के संलयन (टीएमजे एंकिलोसिस) और गंभीर चेहरे की विषमता से पीड़ित मरीज का बिना किसी कृत्रिम जबड़े के जोड़ के सफल उपचार किया है। इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज का मुंह 41 मिमी तक खुलने लगा है और चेहरे की विकृति पूरी तरह संतुलित हो गई है। एम्स प्रशासन का कहना है कि सर्जरी के पश्चात मरीज सामान्य जीवन जी रहा है।







