गणतंत्र दिवस परेड 2026: कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की ताकत, लड़ाकू विमानों की गगनभेदी गर्जना से गूंजा गगन

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ज भारत 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली। यूरोपीय  संघ की अध्यक्ष उर्सुला लॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा इस गौरवशाली लम्हे के साक्षी बन रहे हैं। देश के राज्यों में भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया गया।

 

राष्ट्रगान के साथ कर्तव्य पथ परेड का समापन

इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कर्तव्य पथ परेड का समापन हुआ। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, विदेशी मेहमानों यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष सैंटोस डा कोस्टा कर्तव्य पथ से रवाना हो गए।

वायुसेना के विमानों ने कर्तव्य पथ पर भरी उड़ान

वायुसेना के विमानों ने कर्तव्य पथ पर उड़ान भरी। जिसमें सी-295, सी-130, एयरक्राफ्ट ने चंडीगढ़ से उड़ान भरी। साथ ही सुखोई लड़ाकू विमानों, राफेल लड़ाकू विमानों ने कर्तव्य पथ के ऊपर से गगनभेदी गर्जना के साथ उड़ान भरी।

पंजाब की झांकी में गुरु तेग बहादुर के बलिदान को परिलक्षित किया गया

पंजाब की झांकी में गुरु तेग बहादुर के बलिदान और उनके योगदान को दर्शाया गया। पंजाब की झांकी में गुरुद्वारे की प्रतिकृति से राज्य की आध्यात्मिक शक्ति को प्रदर्शित किया गया। पंजाब के बाद हिमाचल प्रदेश की झांकी निकली, जिसमें राज्य के शूरवीरों को नमन किया गया और साथ ही राज्य की संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद जम्मू कश्मीर की झांकी निकली जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। जम्मू कश्मीर की झांकी में कृषि और केसर की खेती को प्रमुखता से दिखाया गया।

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एनडीआरएफ की झांकी में देश की आपदा से निपटने की मजबूत होती क्षमता को दिखाया गया। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय की झांकी दिखाई गई। जिसमें पीएम श्री स्कूल को परिलक्षित किया गया।

Republic Day 2026 Parade Live: सैन्य ताकत के बाद सांस्कृतिक विविधता और विकास का प्रदर्शन

सैन्य झांकी के बाद अब सांस्कृतिक झांकियों की शुरुआत हो गई है। आयुष मंत्रालय की झांकी में भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को दर्शाया गया। इसके बाद कौशल विकास उद्यमशीलता की झांकी प्रदर्शित की गई। इसके बाद छत्तीसगढ़ की झांकी निकाली गई, जिसमें डिजिटल विकास और बलिदानियों के प्रति सम्मान को प्रदर्शित किया गया।

इसके बाद गृह मंत्रालय की झांकी निकाली गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता को लागू करने और गुलामी की सोच को मिटाने को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश की झांकी निकली, जिसमें राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को दर्शाया गया।


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