दिल्ली पुलिस स्लीपर बस में 17 साल की किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तह तक जांच करने में जुट गई है। इसके लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज और एक आरोपी के मोबाइल फोन की लोकेशन का इस्तेमाल कर बस के पूरे रूट का पता लगा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अगस्त के पहले हफ्ते में हुई इस घटना के मामले में पुलिस जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी।
क्या था दिल्ली का निर्भया कांड
16 दिसंबर 2012 को दिल्ली के वसंत विहार में एक चलती बस में निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उसे मरने के लिए सड़क पर फेंक दिया गया था। इस दौरान उसके साथ उसका साथी अवनींद्र भी उसी बस में सवार था। घटना के सात साल तीन महीने बाद निर्भया को इंसाफ मिला था। निर्भया के गुनहगारों में अक्षय ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और पवन गुप्ता सहित छह लोग शामिल थे। इसमें रामसिंह नामक एक आरोपी ने जेल में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी और एक नाबालिग को सुधार गृह से रिहा कर दिया गया था। वहीं निर्भया के चारों गुनहगारों अक्षय ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और पवन गुप्ता को 20 मार्च 2020 की सुबह 5.30 बजे फांसी पर लटका दिया गया था।







