महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने रेल यातायात की रफ्तार भी थाम दी है। कई जगह पटरियां पानी में डूब गई हैं, जबकि मुंबई मंडल के घाट सेक्शन में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण रेल संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसका असर मुंबई, दक्षिण भारत और गुजरात से दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश आने जाने वाली ट्रेनों पर पड़ा है। दिल्ली-मुंबई राजधानी एक्सप्रेस समेत कई प्रीमियम ट्रेन 12 से 15 घंटे की देरी से चल रही हैं। जबकि कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है, कई के मार्ग बदले गए हैं और कुछ के समय में भी बदलाव किया गया है। मुंबई के साथ-साथ दक्षिण गुजरात के कई शहरों में पटरियां के पानी में डूबने से कई ट्रेनें घंटों तक स्टेशनों और आउटर पर फंसी हुई है।
भारी बारिश का असर दिल्ली–मुंबई रेल मार्ग पर भी पड़ा है। दिल्ली–मुंबई तेजस राजधानी एक्सप्रेस (12951) करीब 14 घंटे, अमृतसर–सीएसएमटी एक्सप्रेस (11057) लगभग 13 घंटे और अगस्त क्रांति तेजस राजधानी एक्सप्रेस (12953) करीब 15 घंटे की देरी से चल रही है। बाढ़ जैसे हालात के कारण कई लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। इनमें बांद्रा टर्मिनस–श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस, दादर–पोरबंदर सौराष्ट्र एक्सप्रेस तथा बांद्रा टर्मिनस से चंडीगढ़, हिसार, अमृतसर, बीकानेर और वेरावल जाने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।
वहीं अहमदाबाद, जोधपुर और भुज से मुंबई आने वाली कई ट्रेनों को जलभराव के कारण वापी और सूरत जैसे स्टेशनों पर रोकना पड़ा, ताकि प्रभावित रेलखंड पर ट्रेनों की भीड़ न बढ़े। इसके अलावा मुंबई से इंदौर, भोपाल, रायपुर और अहमदाबाद जाने वाली अधिकांश ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। वहीं गुजरात होकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जाने वाली कई सुपरफास्ट ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं। पश्चिम रेलवे ने बताया कि प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से भोजन, पानी और अन्य जरूरी सामग्री वितरित की जा रही है। मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस और सूरत स्टेशन पर यात्रियों की मदद के लिए हेल्प डेस्क भी शुरू किए गए हैं।






