राज्यसभा में बोले प्रधानमंत्री: रोज 2 किलो गाली खाता हूं, मोहब्बत की दुकान वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहे

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संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जवाब दिया। विपक्ष की ओर से जोरदार नारेबाजी के बीच उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा, धन्यवाद प्रस्ताव पर समर्थन के लिए इस सदन में अपनी भावनाओं को व्यक्त करना मैं अपना सौभाग्य मानता हूं। देश आज तेज प्रगति कर रहा है।
पीएम मोदी ने खरगे की उम्र को लेकर तंज कसते हुए क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, मेरी एक प्रार्थना है। आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए, अगर वे बैठकर भी नारे लगाना चाहें तो लगा सकते हैं। पीछे कई सारे युवा नेता हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश के मध्यम वर्ग, निम्न-मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, बहुत ही विस्तार से भारत के प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजा है। देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। राष्ट्रपति ने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति भी भरोसा जताया है। यह हम सबके लिए प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा, देश का हर व्यक्ति यह महसूस कर रहा है कि एक अहम पड़ाव पर हम पहुंच चुके हैं। न हमें रुकना है, न हमें पीछे मुड़कर देखना है। हम आगे ही आगे देखना है और लक्ष्य को प्राप्त करके ही हमें सांस लेनी है। उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।

‘युवा होता जा रहा हमारा देश’
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा, भारत के भाग्य के लिए अनेक संयोग एक साथ हमें नसीब हुए हैं। ये अपने आप में बहुत ही उत्तम संयोग है। सबसे बड़ी बात है कि विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पड़ाव पर पहुंची है, जिन्हें हम बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है, जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, वैसे ही देश हमारा युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश बनता जा रहा है।

भारत के प्रति बढ़ा दुनिया का आकर्षण
उन्होंने कहा, दूसरी तरफ मैं देख रहा हूं जिस प्रकार विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है। विश्व भारत के प्रतिभा (टैलेंट) का अहमियत समझ रहा है। हमारे पास आज दुनिया का बहुत ही अहम टैलेंट पूल है। युवा टैलेंट पूल है, जिसके पास सपने, संकल्प और सामर्थ्य है। यानी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है।

‘दुनिया की चुनौतियों को समाधान दे रहा भारत’
प्रधानमंत्री ने कहा, आज विश्व में जो चुनौतियां पैदा हो रही हैं, भारत उनका समाधान देने, आशा की किरण देने वाला देश बना हुआ है। हम समाधान दे रहे हैं। आज अहम अर्थव्यवस्थाओं में भारत की विकास दर काफी ऊंची है। ऊंची विकास दर और कम महंगाई एक अनोखी उपलब्धि है।

भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या बोले पीएम मोदी?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 में जब हम सत्ता में आए, तब देश छठी नंबर की अर्थव्यवस्था था। आज हम दुनिया की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने के करीब हैं।
  • उन्होंने कहा कि आज भारत हर क्षेत्र में एक आत्मविश्वास के साथ बढ़ रहा है। कोविड के बाद जो स्थितियां पैदा हुईं, दुनिया आज भी उनसे संभल नहीं पा रही है।
  • उन्होंने आगे कहा कि दुनिया एक नई विश्व व्यवस्था की तरफ बढ़ रही है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद एक विश्व व्यवस्था बनी थी। अब देश एक नई विश्व व्यवस्था की तरफ बढ़ रहा है।
  • पीएम मोदी ने कहा कि सारी मौजूद घटनाओं का गैर-राजनीतिक तरीके से विश्लेषण करेंगे तो झुकाव भारत की तरफ होगा। विश्व बंधु के तौर पर आज भारत दुनिया के कई देशों का भरोसेमंद साझेदार बना हुआ है। हम कंधे से कंधा मिलाकर विश्व कल्याण की दिशा में बढ़ रहे हैं।

यूरोपीय संघ के साथ एफटीए पर क्या कहा?
उन्होंने कहा, आज पूरी दुनिया वैश्विक दक्षिण की चर्चा करती है, लेकिन उस चर्चा के सूत्रधार के रूप में भारत आज वैश्विक मंचों पर वैश्विक दक्षिण की बुलंद आवाज बन गया है। अनेक देशों के साथ आज भारत व्यापार सौदे कर रहा है। पिछले कुछ समय में ही दुनिया के अहम नौ बड़े अहम व्यापार समझौते हुए हैं। उसमें मदर ऑफ ऑल ट्रे़ड डील (एक साथ 27 देशों के साथ) यूरोपीय संघ के साथ हुई।

प्रधानमंत्री ने कहा, जो लोग थक गए, बेचारे चले गए। लेकिन इनको जवाब देना पड़ेगा कि देश की ऐसी हालत कैसे बना रखी थी कि दुनिया का कोई भी देश हमसे समझौता करने नहीं आना चाहते थे। आपने कोशिश की होगी, लेकिन कोई आपके साथ नहीं आना चाहता था। दुनिया के देश अब भारत के साथ ऐसे ही समझौते नहीं कर रहे हैं। इसके पीछे एक वजह यह है कि एक विकसित देश विकासशील देश के साथ समझौता करता है तो उसे बड़ा बाजार मिलता है। मेरे लिए यह नई बात नहीं है। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन करता था। तब इस वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में राज्य का एक साझेदार देश जापान हुआ करता था। यह राज्य के लिए एक गर्व की बात थी।

‘सुधार, प्रदर्शन और बदलाव पर जोर दिया’
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, हमारी काफी शक्ति उनकी की हुई गलतियों को ठीक करने में जा रही है। दुनिया के मन में उनके समय की जो छवि है, उसको धोने में मेरी ताकत लगती है। इस काम के लिए हमने भविष्य के लिए तैयार नीति पर बल दिया है। देश नीति के आधार पर चल रहा है। विश्व का विश्वास बन रहा है। हमने सुधार (रिफॉर्म), प्रदर्शन (परफॉर्म) और बदलाव (ट्रॉसफॉर्म) पर जोर दिया और आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है।

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‘एमएसएमई नेटवर्क पर बन रहा दुनिया का भरोसा’

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया भारत के उद्यमियों को समान भाव से देखती है।
  • उन्होंने कहा कि एमएसएमई का विशाल नेटवर्क जितना मजबूत होता है, वह देश की अर्थव्यवस्था को उतनी ही मजबूती से दिशा देता है।
  • प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत के एमएसएमई नेटवर्क पर पूरी दुनिया का भरोसा बन रहा है।
  • उन्होंने कहा कि भले ही भारत हवाई जहाज नहीं बनाता, लेकिन उनके कई कल-पुर्जे देश के एमएसएमई तैयार कर रहे हैं। इन प्रयासों के नतीजे आज सबके सामने हैं।
  • उन्होंने बताया कि कई बड़े देश भारत के साथ व्यापारिक संबंध बनाने के लिए उत्सुक हैं।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे यूरोपीय संघ के साथ व्यापार सौदा हो या अमेरिका के साथ हुआ समझौता, पूरी दुनिया इन समझौतों की खुलकर तारीफ कर रही है।
  • उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते से विश्व को यह भरोसा मिला कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता की संभावना बढ़ेगी।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार सौदे से दुनिया को यह भरोसा हुआ कि स्थिरता के साथ-साथ अब गति भी आएगी।
  • उन्होंने आगे कहा कि इन प्रयासों का सबसे बड़ा लाभ देश के युवाओं को मिलेगा। दुनिया में भारतीय युवा पेशेवरों और यहां तक कि देखभाल कर्मियों की मांग लगातार बढ़ रही है।
  • उन्होंने कहा कि कुछ देशों में तो लोगों की तलाश के लिए विशेष कार्यालय तक खोले जा रहे हैं। इसका मतलब है कि भारतीय पेशेवरों के लिए वैश्विक स्तर पर नए अवसर बन रहे हैं।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद का उच्च सदन राज्यों का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने जिस तरह की चर्चाओं की बारीकियां देखीं, उससे उन्हें लगा कि इसका स्तर और ऊंचा होना चाहिए था। विपक्ष ने इस मौके को भी गंवा दिया।

आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, उनके लिए महिलाओं पर अत्याचार होता है तो होता रहे, सत्ता के अलावा कुछ करना नहीं है। वे हमें यहां उपदेश दे रहे हैं। ऐसे मुद्दों पर आंखें मूंदकर बैठे हुए लोग हैं। एक हमारे माननीय सदस्य यहां बैठे बोल रहे थे। जिनकी सरकार शराब में डूब गई, जिनका शीशमहल हर एक की आंखों में बैठ गया। ऐसे सभी साथियों से मैं कहूंगा कि तुम दुनिया को कितना धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।

उन्होंने कहा, कांग्रेस हो..टीएमसी हो..डीएमके हो, लेफ्ट हो, ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं। सत्ता के भागीदार रहे हैं। राज्यों में भी उन्हें सरकार चलाने का अवसर मिला है। लेकिन उनकी पहचान क्या बनी है। आज समझौतों की चर्चा होती है तो गर्व से कहते हैं, लेकिन तब बोफोर्स सौदा याद आता था। उन्होंने सिर्फ जेब भरने का काम किया। नागरिकों की जिंदगी में बदलाव उनकी प्राथमिकता नहीं थी।

‘पीएसयू को लेकर मानसिकता बदलने में मिली सफलता’
उन्होंने कहा, एनपीए के पहाड़ हुआ करते थे, आज हमने उसे नीचे खड़ा कर दिया। आज एनपीए एक फीसदी से भी नीचे है। यह अपने आप में बैंकों के स्वास्थ्य के लिए उत्तम काम किया है। हमारे पीएसयू के बारे में यह मान्यता बन चुकी थी कि वे बनते ही बंद होने के लिए हैं। हमने पूरी धारणा को बदलने में सफलता हासिल की है। ये लोग पीएसयू को लेकर कितनी गलत बातें फैलाते रहे। यह शहरी नक्सल की तरह पीएसयू के बाहर मजदूरों को भड़काने-गुमराह करने का काम करते थे। इन्होंने स्टेट बैंक, एलआईसी, एचएएल को भद्दे तरीके से संभाला। वे अपनी सरकार में इन्हें संभाल नहीं पाते थे। लेकिन हमने पीएसयू के लिए सुधार किए।

उन्होंने कहा, जिन पीएसयू को कांग्रेस के नेता ताले लगवाने वाले थे, उसी पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकते थे, आज हमारे वही पीएसयू रिकॉर्ड लाभ में हैं। वे अपने प्रदर्शन से मेक इन इंडिया को भी गति दे रहे हैं। वे एक उत्प्रेरक के रूप में भूमिका निभा रहे हैं। रिकॉर्ड रोजगार दे रहे हैं। विश्व में अपनी ताकत दिखा रहे हैं। दुनिया के कई देशों की विकास यात्रा में भागीदार बन रहे हैं। आज हमारे पीएसयू को दुनियाभर से कई ऑर्डर मिलने लगे हैं।

किसानों के मुद्दे पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस ने विश्वासघात करने के मामले में देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा। इस देश में 10 करोड़ किसान ऐसे हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। छोटे किसान हैं, उनकी तरफ कभी नहीं देखा। न ही उनके दिमाग में छोटे किसान का कोई महत्व था। उन्हें लगता था कि कुछ बड़े लोगों को संभाल लिया तो राजनीति चलती रहेगी। हमारे मन में छोटे किसानों के लिए दर्द था। हम जमीनी हकीकत से परिचित थे। इसलिए हम किसान सम्मान निधि लेकर आए। हमने अब तक चार लाख करोड़ रुपये छोटे किसानों को वितरित किए हैं। इससे उन्हें नए सपने देखने का सामर्थ्य मिला है।

उन्होंने कहा, यहां कुछ साथियों ने योजनाओं को लागू करने की शिकायतों को लेकर काफी भाषण दिए हैं। ये जो इतनी बड़ी बातें करते हैं। मैं एक किस्सा सुनाता हूं- ‘हमारे देश के एक नेता हिमाचल प्रदेश के दौरे पर थे और वहां से आने के बाद उन्होंने खुद ये घटना कहीं सुनाई। दस्तावेजों में उपलब्ध है। उन्होंने कहा- काफी लंबे समय तक मुझे योजना आयोग से संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि वे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग योजनाएं बनाने के लिए तैयार ही नहीं थे। मैं हिमाचल प्रदेश गई थी, जब मैं वापस आई तो मैंने योजना आयोग में कहा कि हमारे कामदारों को जीप की जरूरत नहीं है, बल्कि खच्चरों की आवश्यकता है, ताकि उन पर सामान आदि लादा जा सके। लेकिन मुझे बताया गया कि हम पैसा तो जीप के लिए ही देंगे, क्योंकि खच्चरों के लिए पैसा देने की नीति नहीं है। उन नेता का कहना था कि जहां वो हिमाचल में गई थीं, वहां सड़क नहीं थी। तो वहां जीप का क्या काम लेकिन उस वक्त योजना आयोग का जोर था कि या तो जीप या कुछ नहीं। यह भाषण और किसी का नहीं कांग्रेस की तत्कालीन नेता इंदिरा गांधी का भाषण है।’

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उन्होंने कहा, कांग्रेस की यही कार्यशैली रही थी। खुद इंदिरा गांधी यह जानती थीं। लेकिन इस कार्यशैली को बदलने के लिए उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। वह जिस योजना आयोग की धज्जियां उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता खुद उनके पिताजी थे। 2014 तक सब दुखी थे। सब परेशान थे। लेकिन सुधार को कोई तैयार नहीं था। इसके बाद जब हमें 2014 में मौका मिला तो हमने योजना आयोग को खत्म किया और नीति आयोग की स्थापना हुई। नीति आयोग आज काफी तेज गति से काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, छत्तीसगढ़ के बस्तर में तो कुछ गांवों ने पहली बार बस देखी। यह हाल छोड़कर गए हैं। योजना को लागू करना क्या होता है, इसका उदाहरण यह आकांक्षी गांव है। यह जो बदलाव आ रहा है, कांग्रेस के हमारे साथियों को उसमें योजना लागू होती नजर नहीं आ रही है। वे अपना जीप और खच्चर वाला मॉडल ही जानते हैं। उन्होंने कहा, जब मेरा जन्म भी नहीं हुआ था, तब सरदार पटेल ने नर्मदा नदी पर बांध बांधने की कल्पना की। (देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल) नेहरू ने इसकी नींव रख दी थी। लेकिन देखिए कि इस पर कैसे अमल हुआ, मैंने प्रधानमंत्री बनने के बाद इसका उद्घाटन किया। मुझे मुख्यमंत्री रहते हुए तीन दिन का अनशन करना पड़ा, तब सरकार झुकी और सरदार सरोवर का काम आगे बढ़ा और मैंने यहां (पीएम) आकर उसका उद्घाटन किया।

‘कांग्रेस सिर्फ सपने देखती है, उन्हें पूरा नहीं करती’
उन्होंने कहा, इन दिनों एक वीडियो लोकप्रिय हुआ है। हर तरफ बर्फ छाई हुई है और वंदे भारत बीच से निकल रही है। तीन दशक से यही उधमपुर-श्रीनगर परियोजना लटकी हुई थी। हमारी सरकार ने इसे पूरा किया। कांग्रेस सिर्फ सपने देखती है, उन्हें पूरा नहीं करती। असम और अरुणाचल को जोड़ने वाला बोगी पुल बनाया। हमने असम सहित पूरे पूर्वोत्तर को बहुत बड़ी सुविधा देने वाला यह काम पूरा किया। हमने दुनिया को कहा था कि 2030 तक हम सोलर का काम करेंगे और हमने 2025 में ही यह काम कर दिया। हम हर परियोजना को समय से पूरा कर रहे हैं।

नेहरू-इंदिरा को लगते थे देशवासी समस्या
पीएम मोदी ने कहा, ‘भाजपा हो..एनडीए हो.. हमारा दृष्टिकोण, हमारी सोच और कांग्रेस की सोच के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। हमारी सोच है कि 140 करोड़ देशवासी इतने सामर्थ्यवान हैं कि कुछ भी कर सकते हैं। लेकिन नेहरू जी और इंदिरा जी की सोच क्या थी। उन्होंने कहा, ‘इंदिरा जी एक बार ईरान गईं। वह ईरान में भाषण दे रही थीं। उस भाषण में उन्होंने नेहरू जी के साथ बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा था- जब किसी ने मेरे पिताजी से पूछा यानी नेहरू जी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्या है, तो उन्होंने कहा 35 करोड़। उस समय हमारे देश की जनसंख्या 35 करोड़ थी। 35 करोड़ देशवासी नेहरू जी को समस्या लगते थे। इस बात का उदाहरण देते हुए इंदिरा जी ने आगे कहा- आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है। इसलिए मेरे लिए समस्या भी इतनी ही है। उन्हें अब 57 करोड़ लोग समस्या लगने लगे थे।’ उन्होंने कहा, नेहरू जी हों..इंदिरा जी हों या पूरी कांग्रेस बिरादरी हो, ये लोग देशवासियों को समस्या मानते थे। ऐसे लोग सिर्फ अपने परिवार का ही भला करेंगे। मैंने देश के सामने कहा है, क्योंकि यह मेरा दृढ़ विश्वास है। चुनौतियां कितनी ही क्यों न हों, 140 करोड़ लोग हमारे साथ हैं। हमारे लिए हर देशवासी भारत का कर्ता-धर्ता है।

पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस ने बीते दिनों राष्ट्रपति का अपमान किया है। चुनाव के बाद किस प्रकार से हमारी राष्ट्रपति के लिए शब्द कहे गए। शर्मिंदगी महसूस होती है कि यह कैसे लोग हैं। ये लोग भारत की राष्ट्रपति के लिए क्या कह रहे हैं। कल लोकसभा में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। ये राष्ट्रपति पद का घोर अपमान है। उन्हें संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है? आपने गरीब-आदिवासी परिवार से आई महिला का जो अपमान किया है। आपने आदिवासी महिला का अपमान किया है। आपने संविधान का अपमान किया है।

‘सदानंद मास्टर जी से मिलती है जीने-मरने की प्रेरणा’
उन्होंने कहा, एक तरफ हमारे सदानंद मास्टर जी का दृश्य है। राजनीतिक विद्वेष के कारण उनके दोनों पैर काट दिए गए। भरी जवानी में दोनों पैर काट दिए गए। कटे हुए पैर से जिंदगी गुजार रहे हैं। लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी से अपशब्द नहीं निकलता है। गर्व होता है और कल जब देश ने उनका पहला भाषण हो रहा था, जब वे कटे हुए पैर लिए भाषण देने के लिए उठे तो ये इंडी अलायंस के लोगों ने उन्हें बोलने नहीं दिया जाता है। मैं उनका अभिनंदन करता हूं। वे आज देश की नीति निर्धारण में अपना योगदान दे रहे हैं। ऐसे लोगों के सहारे हम राजनीति में जीते हैं, देश के लिए जीने-मरने की प्रेरणा मिलती है।

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मोहब्बत की दुकान वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहे
उन्होंने कहा, हम विकसित भारत के लिए जमीन मजबूत कर रहे हैं। उसे ताकत दे रहे हैं। मैं एक तरफ देश के युवाओं के लिए मजबूत जमीन तैयार कर रहा हूं तो कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम कर रही है। मोहब्बत की दुकान खोलने वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहे हैं। ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है जो देश के ही नागरिक की कब्र खोदने की बात कर रही हो। क्या यह मानवता का अपमान नहीं है। ये लोग किस प्रकार के संस्कार में पले-बढ़े हैं। मेरा अनुभव पुराना है। 2002 से जब वे विपक्ष में थे.. 2004 में जब वे सत्ता में आए और 2014 में जब मैं सत्ता में आया तबसे संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जब सदन से मोदी को गाली देने का काम न किया गया हो। करीब 25 साल मैं कई मौकों पर संसद में नहीं था। मुझसे किसी ने पूछा था कि मोदीजी आपका स्वास्थ्य कैसे ठीक रहता है? मैंने कहा था कि मैं रोज दो किलो गाली खाता हूं।

उन्होंने कहा, हमने अनुच्छेद 370 हटाया, इसलिए वे मोदी की कब्र खोदते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों को घर में घुसकर मारा, इसलिए मोदी की कब्र खुदेगी। माओवाद से देश को आजाद कराने के लिए कदम उठा रहा हूं, इसलिए उन्होंने मोदी की कब्र खोदनी है। नेहरू जी के समय में हमने सिंधु जल समझौता करके जो गलती की थी, उसे मोदी ने हटा दिया, इसलिए मोदी की कब्र खोदेंगे।

उन्होंने आगे कहा, असल में कांग्रेस की परेशानी दूसरी है। उनकी परेशानी है कि मोदी यहां तक पहुंचा कैसे। उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री पद उनके परिवार की जागीर है। यह जो मोहब्बत की दुकान में आग भरी है न, उसका परिणाम है। उन्हें लगता है कि यह प्रधानमंत्री पद हमारा अधिकार था, इसलिए वे मोदी की कब्र खुदने का नारा लेकर चल रहे हैं। कांग्रेस के शाही परिवार को देश ने इतने दशकों तक अवसर दिया है। देश ने अपना भविष्य आपके लिए भी दांव पर लगाया था। कांग्रेस के एक भी नेता ने आज तक गरीबी हटाने की बात न की हो, ऐसा कभी नहीं हुआ, लेकिन उन्होने इसे हटाने के लिए किया क्या, यह आज तक सामने नहीं आया।

’18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाई’
प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे यहां सैकड़ों लोग रेलवे क्रॉसिंग पर मरते थे। स्कूल बस के बच्चों के मरने की खबरें आती थीं। मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग की समस्या सुलझाना कोई बड़ा काम नहीं था। हमने ऐसी क्रॉसिंग बंद कर दीं, लाखों लोगों की जिंदगी बचा ली। इसलिए ये मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। 2014 से पहले देश में 18 हजार गांव ऐसे थे, जिन्हें बिजली का मतलब नहीं पता था। 2014 के बाद 18 हजार गांवों तक हमने बिजली पहुंचाई। उन्होंने आगे कहा, एक वक्त वो भी था, जब सेना और सैनिकों को लेकर देश में खबरें आती थीं कि गोला-बारूद नहीं है, बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं हैं। बर्फ के बीच खड़े हैं, उनके पास जूते तक नहीं है। हमने सैनिकों के लिए खजाने खोल दिए। इसलिए वे चाहते हैं कि उनके पास और कोई रास्ता तो बचा नहीं, इसलिए कब्र खुदेगी मोदी की, यही रास्ता बचा है।

‘140 करोड़ देशवासियों के रिमोट से चलती है मेरी सरकार’
उन्होंने कहा, इनकी सरकार रिमोट से चलती थी। मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है। 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट हैं। उनके सपने, आकांक्षाएं, संकल्प, इनके लिए हम जीते हैं। इनके लिए सरकार चलाते हैं। सत्ता हमारे लिए सुख का रास्ता नहीं, सेवा का माध्यम है। प्रधानमंत्री ने कहा, इन्हें स्टार्टअप संस्कृति के बारे में नहीं पता था। ये अपने घरेलू स्टार्टअप को भी नहीं उठा पाए। हमारे समय में दो लाख स्टार्टअप हैं। वो जमाना याद कीजिए बीएसएनएल को लेकर चुटकुले चलते थे। आज हमने 4जी सबसे तेज रोलआउट करने का काम कर दिया है।

‘जिन्हें कोई पूछता नहीं था, मोदी उन्हें पूजता है’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, तुम कितने ही नारे लगा लो.. कब्र नहीं खोद पाओगे। माताओं-बहनों का मेरे प्रति जो भाव रहा है। जिन्हें कोई पूछता नहीं था, मोदी उन्हें पूजता है। ये आशीर्वाद हैं, जो उन्हें चुभता है। इसलिए वे कब्र खोदना चाहते हैं। चोरी करना जिनका पुश्तैनी धंधा है। जिन्होंने गुजराती सरनेम चुरा लिया। महात्मा गांधी का सरनेम चुरा लिया। ऐसे लोगों को देश की समझदार जनता पटक देती है।

‘भारत अब काफिले का नेतृत्व कर रहा, भारत को विकसित बनाना लक्ष्य’
उन्होंने कहा, एक जमाने में कॉमन शब्द होता था- इंडिया मिस्ड द बस। यह आम चर्चा हो गई थी। आज भारत कोई बस मिस नहीं कर रहा, काफिले का नेतृत्व कर रहा है। हम विकसित भारत के सपने के लिए पांच वर्ष की योजना बनाते हैं और हर वर्ष का बजट बनाते हैं। हम दिशा बनाकर चलते हैं और चुनाव हमारा लक्ष्य नहीं होता। हमारा लक्ष्य होता है विकसित भारत 2047। चुनाव आएंगे-जाएंगे। हम देश के युवाओं के हाथ में समृद्ध भारत देने का सपना रखते हैं। मैं चाहता हूं आज के बच्चों के हाथ में ऐसा भारत देकर जाऊं कि मुझे भी संतोष हो।


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