देश में महिला आरक्षण कानून 2023 लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश की नारी शक्ति की जमकर सराहना की और मातृशक्ति को एक मजबूत भारत की पहचान बताया।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर अपने पोस्ट की श्रृंखला, सुभाषितम में लिखा- हमारी नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान है। देश की माताएं-बहनें और बेटियां अपनी अटूट संकल्पशक्ति, निष्ठा और सेवाभाव से आज हर क्षेत्र में भारतवर्ष का गौरव बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी ने संस्कृत के दो श्लोक भी लिखे हैं।
अब यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। संसद ने सितंबर 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को मंजूरी दी थी। इसे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
हालांकि, 2023 के इस कानून के अनुसार आरक्षण का फायदा 2029 से पहले नहीं मिल सकेगा, क्योंकि इसे 2027 की जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया है। वर्तमान में लोकसभा में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा चल रही है, उनका उद्देश्य महिला आरक्षण को 2029 से लागू करना है। अधिकारियों के मुताबिक, कानून लागू हो जाने के बावजूद मौजूदा लोकसभा में यह आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसके लिए अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
संसद में अभी इससे जुड़े तीन अहम विधेयकों पर चर्चा चल रही है। इनमें लोकसभा की कुल सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में भरोसा दिया कि परिसीमन के दौरान किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताया और कहा कि यह नारी शक्ति का हक है। गृहमंत्री अमित शाह ने भी साफ किया कि दक्षिण के राज्यों की सीटें कम नहीं होंगी। उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि दक्षिण भारत की सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी। अकेले तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होने की उम्मीद है।







