PM Modi : प्रधानमंत्री मोदी ने किया नैनो यूरिया संयंत्र का उद्घाटन, जब गांव स्वावलंबी होगे तभी भारत आत्मनिर्भर होगा – पीएम मोदी

नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में इफको-कलोल में निर्मित नैनो यूरिया संयंत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सहकार, गांव के स्वाबलंबन का बहुत बड़ा माध्यम है और इसमें आत्मनिर्भर भारत की ऊर्जा है। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए गांव का आत्मनिर्भर होना बहुत आवश्यक है, इसलिए पूज्य बाबू और सरदार साहब ने जो रास्ता हमें दिखाया उसके अनुसार हम मॉडल कॉपरेटिव गांव की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज आत्मनिर्भर कृषि के लिए देश पहले नैनो यूरिया प्लांट का उद्घाटन करते हुए मैं विशेष आनंद की अनुभूति करता हूं। अब यूरिया की एक बोरी की जितनी ताकत है, वो एक बोतल में समाहित है। नैनो यूरिया की करीब आधा लीटर बोतल, किसान की एक बोरी यूरिया की जरूरत को पूरा करेगी।

उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार बनने के बाद हमने यूरिया की शत-प्रतिशत नीम कोटिंग का काम किया। इससे देश के किसानों को पर्याप्त यूरिया मिलना सुनिश्चत हुआ। साथ ही हमने यूपी, बिहार, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना में 5 बंद पड़े खाद कारखानों को फिर चालू करने का काम शुरू किया।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत विदेशों से जो यूरिया मंगाता है इसमें यूरिया का 50 किलो का एक बैग 3,500 रुपये का पड़ता है लेकिन देश में, किसान को वही यूरिया का बैग सिर्फ 300 रुपये का दिया जाता है। यानी यूरिया के एक बैग पर हमारी सरकार 3,200 रुपये का भार वहन करती है।

उन्होंने कहा कि भारत के किसान को दिक्कत न हो इसके लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल 1.60 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी फर्टिलाइजर में दी है। किसानों को मिलने वाली ये राहत इस साल 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने वाली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले की सरकार में समस्याओं का सिर्फ तात्कालिक समाधान ही तलाशा गया। आगे वो समस्या न आए, इसके सीमित प्रयास ही किए गए। बीते 8 वर्षों में हमने तात्कालिक उपाय भी किए हैं और समस्याओं के स्थायी समाधान भी खोजे हैं।

और पढ़े  नेपाल बाढ़: विदेश से मदद लेने पर बालेन सरकार का यू-टर्न, लापता लोगों की तलाश में भारत समेत ये देश देंगे साथ

उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र में अमूल ने एक पहचान बना दी। अमूल जैसे ब्रांड ने पूरी दुनिया में गुजरात के कॉपरेटिव मूवमेंट की एक ताकत का परिचय कराया है और एक पहचान बनाई है। गुजरात में डेयरी, चीनी, बैंकिंग सहकारी आंदोलन के सफलता का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर के सहकारी मॉडल का उदाहरण हमारे सामने है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है जिसमें गुजरात की बहुत बड़ी हिस्सेदारी है। बीते सालों में डेयरी सेक्टर तेज़ी से बढ़ भी रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ज्यादा कंट्रीब्यूट भी कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि सहकार की सबसे बड़ी ताकत भरोसा, सहयोग, सबके सामर्थ्य से संगठन के सामर्थ्य को बढ़ाने का है। यही आजादी के अमृतकाल में भारत की सफलता की गारंटी है। आज भारत एक साल में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का दूध उत्पादन कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे यहां जिसको भी छोटा समझकर कम आंका गया, उसको अमृतकाल में बड़ी ताकत बनाने पर हम काम कर रहे हैं। छोटे किसानों को आज हर प्रकार से सशक्त किया जा रहा है। इसी प्रकार लघु उद्योगों, MSMEs को भारत की आत्मनिर्भर सप्लाई चेन का मजबूत हिस्सा बनाया जा रहा है।

  • Related Posts

    नेपाल त्रासदी में 1200 से ज्यादा मौतें, राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी।

    नेपाल  में बाढ़ के बाद हालात बदतर बने हुए हैं। हर दिन के साथ हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है, जबकि अभी भी हजारों लोग लापता हैं। वहीं, इस…

    SIR: उत्तराखंड-हरियाणा समेत कई राज्यों में बढ़ी अंतिम मतदाता सूची की तारीख, जानें कहां कितना बदला शेड्यूल

    विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण में शामिल कई राज्यों ने अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की तारीख आगे बढ़ा दी है। अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए राज्यों…