पौड़ी: जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन की ली बैठक,बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़े अधिकारी -जिलाधिकारी

पौड़ी: जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन की ली बैठक,बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़े अधिकारी -जिलाधिकारी

रिपोर्ट वीरेन्द्र रावत
एकर == जनपद में लगातार हो रही वर्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने एनआईसी कक्ष में आपदा प्रबंधन की बैठक ली। उन्होंने समस्त अधिकारियों को बरसात को देखते हुए बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़ने व अलर्ट पर रहने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने कहा कि जनपद के अंतर्गत बरसात से कुछ घटना होती है तो तत्काल उसकी सूचना दें।<strong>पौड़ी: जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन की ली बैठक,बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़े अधिकारी -जिलाधिकारी</strong>
बैठक में जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई व लोनिवि के अधिकारियों को बरसात के समय बंद सड़कों की जानकारी प्रस्तुत करने तथा मार्गो को जेसीबी के माध्यम से तत्काल सुचारू करने के निर्देश दिये। उन्होंने श्रीनगर, कोटद्वार व यमकेश्वर के उपजिलाधिकारियों को कहा कि जहां-जहां बरसाती पानी जमा हो रहा है व घरों को नुकशान दे रहा है तो ऐसी स्थिति में वहां पानी की निकासी करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया कि जहां विद्युत पोल झूके हैं या विद्युत लाइन पेड़ों से टकरा रही हैं तो वहां समय पर पेड़ों की लॉपिंग करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारी को बारिश से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की सूचना मिलते ही वहां समय पर पेयजल लाइनों को ठीक करने को कहा।<strong>पौड़ी: जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन की ली बैठक,बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़े अधिकारी -जिलाधिकारी</strong>
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश दिये कि जनपद के अंतर्गत जहां जर्जर विद्यालय हैं उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। वहीं उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को जनपद में जिन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी एक माह में होनी है उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कहा कि जहां एक्टिव लैंडसलाइड क्षेत्र हैं उसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश होने पर चारधाम यात्रा व कांवड यात्रा को देखते हुए यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराएं। कहा कि बारिश से भूस्खलन क्षेत्रों पर पत्थर या मलवा गिरने पर यात्रियों के वाहन पहले ही रूकवा लें, जिससे किसी भी प्रकार की छति ना हो। जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्यो में लापरवाही बरतेंगे उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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