पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान के सबसे बड़े शहर स्कार्दू में भीषण हिंसा भड़क उठी। पहली मार्च को शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सेना व अर्द्धसैन्य बलों की गोलीबारी में बाल्टी-शिया समुदाय के 38 लोगों की मौत हो गई। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। इससे क्रोधित प्रदर्शनकारियों ने सैन्य प्रतिष्ठानों व सरकारी दफ्तरों में तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद हिंसा भड़की। शुरुआती झड़पों के बाद 13 लोगों के मारे जाने की सूचना आई थी, लेकिन बाद में घायलों की मौत के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 38 तक पहुंच गई। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।
कई शहरों में रैली, अमेरिकी दूतावास ने जारी किया अलर्ट
अमेरिकी-इस्राइली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनेई की मौत की निंदा करते हुए अल्पसंख्यक शिया समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को राजधानी इस्लामाबाद समेत देश के कई हिस्सों में रैलियां निकालीं। इसे देखते हुए पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास ने परामर्श जारी करते हुए अपने नागरिकों को संभावित हिंसा के प्रति सतर्क किया है।
अमेरिकी दूतावास ने अपने लोगों को दी सलाह
दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को हिंसा प्रभावित बलोचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा व पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की तरफ नहीं जाने की सलाह दी है। इस्लामाबाद में भारी सुरक्षा के बीच 300 से अधिक प्रदर्शनकारी खामनेई के पोस्टर के साथ धरने पर बैठे। वे लोग अमेरिका की मौत हो, इस्राइल की मौत हो जैसे नारे लगा रहे थे। सुन्नी समुदाय के लोगों ने अलग से धरना दिया। पाकिस्तान की आबादी में शिया मुसलमानों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत है।
संचार संस्थान भी आग के हवाले
स्कार्दू और आसपास के इलाकों में पाकिस्तानी सेना से जुड़े कार्यालयों, आवासीय परिसरों और अन्य सरकारी इमारतों में आग लगा दी गई। इनमें स्कार्दू ब्रिगेड के कमांडर का आवास, पाकिस्तानी नॉर्दर्न लाइट इन्फैंट्री के ऑफिस व आवासीय परिसर, आर्मी पब्लिक स्कूल, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क और ग्रीन टूरिज्म कार्यालय शामिल है। गुस्साए लोगों ने सेना के विशेष संचार संस्थान और संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह के कार्यालय में भी आग लगा दी।







