ओएनजीसी ने आंध्र प्रदेश में स्थित अपने मोरी-5 कुएं पर सफलतापूर्वक नियंत्रण स्थापित कर लिया है। कंपनी ने शनिवार को बताया कि रिकॉर्ड पांच दिनों में कैपिंग ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है।
तेल और प्राकृतिक गैस निगम के अनुसार, आंध्र प्रदेश में उसके ऑनशोर एसेट में स्थित मोरी-5 कुएं में 5 जनवरी 2026 को नियमित सर्विसिंग के दौरान ब्लोआउट हुआ था। यह कार्य ठेकेदार दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा किया जा रहा था। सर्विस के दौरान कुएं से हाइड्रोकार्बन का अनियंत्रित रिसाव शुरू हो गया था।
ओएनसीजी ने कैसे संभाला मोर्चा?
घटना के बाद ओएनजीसी ने तत्काल अपने संकट प्रबंधन प्रोटोकॉल को सक्रिय किया, क्षेत्र में सभी संबंधित गतिविधियां निलंबित कीं और विशेष वेल-कंट्रोल टीमें व उपकरण मौके पर तैनात किए। कंपनी ने बताया कि इस दौरान सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
ओएनजीसी ने स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। कंपनी के बयान में कहा गया है कि ओएनजीसी ने मोरी-5 कुएं पर सफलतापूर्वक नियंत्रण स्थापित कर लिया है और पांच दिनों के रिकॉर्ड समय में कैपिंग ऑपरेशन पूरा किया गया है, जो ब्लोआउट रिस्पॉन्स और परिचालन उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कंपनी ने बताया कि कैपिंग पूरी होने के साथ ही मोरी-5 से जुड़ी फील्ड-लेवल गतिविधियां समाप्त कर दी गई हैं और इस मामले में आगे किसी परिचालन अपडेट की आवश्यकता नहीं होगी। ओएनजीसी ने अपने बयान में तेल और गैस परिचालन में सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और परिचालन अनुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।







