राज्यसभा से बिल ऑफ लैडिंग विधेयक 2025 पारित, जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के लिए दिया गया नोटिस

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संसद में मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत हुई। विपक्ष पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावों, बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण, मणिपुर, चीन जैसे विषयों पर चर्चा के लिए अड़ा है। वहीं सरकार का दावा है कि ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा और सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।

 

महाभियोग नोटिस पर बोले रविशंकर प्रसाद

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव नोटिस पर कहा, ‘यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए एक न्यायाधीश का आचरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हमने इस संबंध में अपना नोटिस दायर कर दिया है।’

 

 

जस्टिस वर्मा को हटाने का नोटिस

जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से भारी मात्रा में नकदी मिलने के मामले में राज्यसभा के 63 सांसदों ने जस्टिस वर्मा को पद से हटाने का नोटिस दिया है। वहीं लोकसभा में भी जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए नोटिस दिया गया है, जिसे 145 सदस्यों ने समर्थन दिया है। सदस्यों ने संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 के तहत महाभियोग का प्रस्ताव दिया है। विभिन्न पार्टियों के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें कांग्रेस, टीडीपी, जेडीयू जेडीएस, जन सेना पार्टी, शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी, सीपीएम आदि के सांसद शामिल हैं। इन सांसदों में राहुल गांधी, अनुराग वर्मा, रवि शंकर प्रसाद, सुप्रिया सुले और केसी वेणुगोपाल का नाम शामिल है।

 

 

राघव चड्ढा ने डीजीसीए को स्वायत निकाय बनाने की मांग की

AAP सांसद राघव चढ़ा ने संसद में विमान सुरक्षा से जुड़ा एक अहम मुद्दा उठाया। राघव चड्ढा ने राज्यसभा में कहा कि ‘भारत का नागरिक उड्डयन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसका नियमन, दबाव के कारण  कमजोर हो रहा है। DGCA में न तो पर्याप्त स्टाफ है, न पर्याप्त फंडिंग, और न ही वह स्वायत्तता जो उसके लिए जरूरी है। आज इसके 55% तकनीकी पद खाली हैं। जो पद खाली हैं, उनकी जिम्मेदारियों में-
* विमान सुरक्षा निरीक्षण
* पायलट लाइसेंस जारी करना
* विमान रख-रखाव
* विमान की उड़ान-योग्यता प्रमाणित करना जैसे काम शामिल हैं। यह केवल कमी नहीं है, यह एक संकट है। आसमान में गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती। DGCA को SEBI और TRAI की तरह स्वायत्त बनाना होगा, क्योंकि सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, एक आवश्यकता है।’

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