नीरव मोदी के बहनोई को CBI कोर्ट से मिली माफी, बनाया जाएगा सरकारी गवाह

Spread the love

 

मुंबई की एक विशेष अदालत ने करोड़ों डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले से जुड़े मामले में फरार कारोबारी नीरव मोदी के बहनोई मयंक मेहता को माफी दे दी है। इसके साथ ही वे सरकारी गवाह बन गए हैं।

विशेष सीबीआई न्यायधीश एवी गुजराती ने 22 सितंबर को मेहता की क्षमादान याचिका को इस शर्त पर स्वीकार कर लिया कि वह “अपराध और संबंधित प्रत्येक अन्य व्यक्ति के संबंध में अपनी जानकारी में आने वाली सभी परिस्थितियों का पूर्ण और सच्चा खुलासा करेंगे।” आदेश में कहा गया है कि क्षमादान के बाद आरोपी को मामले में सरकारी गवाह के रूप में चिह्नित किया जाएगा। इसकी एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई।
ब्रिटिश नागरिक और लगभग 35 वर्षों से हांगकांग में रहने वाले मेहता, भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 409 (आपराधिक विश्वासघात) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) मामले में आरोपी हैं।

अपनी याचिका में मेहता ने दलील दी कि उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामलों में पहले ही क्षमादान दिया जा चुका है। सीबीआई से जुड़ा मामला भी वही है। मेहता ने यह भी कहा कि वह कार्यवाही में भाग लेने के लिए स्वेच्छा से सितंबर 2021 में भारत आए थे।

मेहता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील अमित देसाई ने कहा कि आरोपी ने अभियोजन पक्ष और भारत सरकार को कई पहलुओं में सहायता की है। मेहता ने क्षमादान की गुहार लगाते हुए कहा कि वह मामले से संबंधित परिस्थितियों का पूरा और सच्चा खुलासा करने के लिए तैयार हैं। सरकारी वकील अरविंद अघव की ओर से प्रतिनिधित्व किए गए अभियोजन पक्ष ने मेहता की याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई और स्वीकार किया कि इसी तरह के पीएमएलए मामलों में पहले भी क्षमादान दिया जा चुका है।

और पढ़े  हत्या केस में फरार पूर्व BDO शराब पीकर चला रहा था कार, हादसे के बाद पकड़ा गया, कोर्ट से जमानत भी मिली

दोनों पक्षों को सुनने और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों पर विचार करने के बाद, जिसके तहत याचिका दायर की गई थी, अदालत ने फैसला सुनाया कि “आरोपी को सरकारी गवाह के रूप में चिह्नित किया जाएगा”।

अदालत ने निर्देश दिया कि वर्तमान में विदेश में रह रहे आरोपी को अदालत के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया जाए। अदालत ने कहा, “अभियोजन पक्ष वर्तमान तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर कार्यवाही में भाग लेने के लिए अभियुक्तों को यथाशीघ्र भारत लाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।” फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी और उसका भतीजा नीरव मोदी करोड़ों रुपये के पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) घोटाले में मुख्य आरोपी हैं। इसकी जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय दोनों कर रहे हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    Attack-: ममता बनर्जी पर अस्पताल के CEO को धमकाने का आरोप..

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देबजीत सरकार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। उनका दावा है कि इस वीडियो में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और…


    Spread the love

    War-: ईरान का दावा- मार गिराया अमेरिका का एमक्यू-1 ड्रोन, ट्रंप बोले- मुझे समझौते की जल्दी नहीं

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष अब चौथे महीने में प्रवेश करने वाला है। दुनियाभर के देशों की ओर से ईरान के साथ अमेरिका-इस्राइल के बीच छिड़ी इस जंग…


    Spread the love