नेपाल के मध्य हिस्से में रविवार सुबह त्रिशूली नदी में फिर बाढ़ आ गई। इस बाढ़ में एक सस्पेंशन ब्रिज यानी झूला पुल बह गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इससे पहले 26 अगस्त को अचानक आई भयानक बाढ़ में धवाडीघाट का एक पुल बह गया था। वह पुल यहां से नदी के बहाव की दिशा में थोड़ी दूरी पर था। स्थानीय लोग धवाडीघाट पुल के विकल्प के रूप में घ्यालचोक-चरौंदी पुल का इस्तेमाल कर रहे थे।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 788 हो गई। अभी भी शव मिल रहे हैं। अधिकारियों ने भोटेकोशी नदी में जल स्तर बढ़ने की चेतावनी दी है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों के लोगों और बचाव दल के कर्मचारियों से सतर्क रहने को कहा है।
भारतीय फॉरेंसिक टीम डीएनए सैंपल की जांच में करेगी मदद
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत की 19 सदस्यीय विशेष फॉरेंसिक टीम रविवार से काठमांडू में काम करेगी। अधिकारियों ने बताया कि यह टीम डीएनए सैंपल की जांच में मदद करेगी। इससे बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
भारतीय टनल रेस्क्यू टीम भी नेपाल में तैनात
बयान में कहा गया, टनल रेस्क्यू ऑपरेशन टीम ने आज अपना काम जारी रखा। टीम ने चिलिमे और लांगटांग में पनबिजली परियोजनाओं के स्थानों पर नेपाली सेना के खोज और बचाव अभियान में भी मदद की। टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास एक सुरंग में जाने में सफल रही। खराब मौसम के बावजूद टीम ने वहां से एक व्यक्ति के शव को बाहर निकाला। यह टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास अपना मदद और बचाव अभियान जारी रखे हुए है।






