मिल्कीपुर उपचुनाव-अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी ने कर दिखाया करिश्मा,जितने अंतर से लोकसभा हारे…उससे अधिक से उपचुनाव जीता

 

योध्या में एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करिश्मा सामने आया है। मिल्कीपुर उप चुनाव में सिपहसलारों की मदद से भाजपा को भारी मतों से जिताकर योगी ने कुशल संगठनकर्ता होना साबित किया है।

पूरे उपचुनाव में पीडीए बेअसर दिखा। न तो पिछड़ा, न दलित और न ही अल्पसंख्यक मतों को सहेजने में कामयाबी मिली। टीम योगी ने राम मंदिर निर्माण के बाद भी फैजाबाद लोकसभा सीट हारने की टीस को मिटाने में कामयाबी पाई है। जितने अंतर से लोकसभा सीट पर हार हुई थी, उससे अधिक अंतर से उप चुनाव जीतने का संकल्प भी पूरा करने में सफलता मिली है।

यदि परिणामों पर नजर डाला जाए तो पहले चक्र की मतगणना से भाजपा ने जो बढ़त बनाई वह फिर रुका नहीं। फैजाबाद लोकसभा सीट पर राम मंदिर निर्माण के बाद भी भाजपा की हार की टीस मिल्कीपुर के आम मतदाताओं तक पहुंचाने की रणनीति में भाजपा को सफलता मिली। पार्टी के रणनीतिकारों की ओर से इस मुद्दे को भुनाने की भरपूर कोशिश की गई और इसमें सफलता भी मिली।

 

भाजपा की जीत के कारण

  • प्रत्याशी बदलना
  • कुशल संगठनकर्ता व पूर्व सांसद लल्लू सिंह की रणनीति
  • पंचायत स्तर पर पक्ष विपक्ष को साथ लेकर चुनाव को धार देना, परदेसी वोटरों को बूथ तक लाना
  • योगी की सभाएं व सिपहसलारों की ओर से क्षेत्र को मथना
  • संघ तथा आनुषांगिक संगठनों की ओर से पूरे इलाके में सक्रियता बढ़ाना

सपा की हार के पांच प्रमुख कारण

  • परिवारवाद के आरोप को मिटा पाने में विफलता
  • यादव वोटरों को सहेज न पाना
  • पीडीए में बिखराव रोकने में विफल रहना
  • नेताओं का अनाप-शनाप बयान, जनता के मिजाज को समझने में चूक
  • स्थानीय नेताओं की ओर से भाजपा के आक्रामक प्रचार की काट न खोज पाना
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