घर से हजारों किलोमीटर दूर प्रवासी रोजी-रोटी की जुगाड़ में निकले थे। अब एलपीजी किल्लत से उनके खाने पर ही संकट छा गया। इससे प्रवासी मजदूर अब बोल रहे, आ अब लौट चलें। इन दिनों भारी संख्या में प्रवासी अपने घर जाने के लिए दूसरे प्रदेशों समेत दिल्ली से रेलवे स्टेशनों पर पहुंच रहे हैं। इससे स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।
रोजी-रोटी की तलाश में आए थे
एक किलो गैस के लिए देना पड़ रहा 600-800 रुपये
होटल-रेस्टोरेंट पर जड़े ताले, तो छिन गया रोजगार
एलपीजी संकट का सबसे अधिक असर होटल-रेस्टोरेंट पर पड़ा है। गैस की कमी के कारण छोटे-बड़े सैकड़ों होटल और रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं। नतीजतन, वहां काम करने वाले वेटर, रसोइये और सफाई कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई है। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम और पश्चिम बंगाल से आए इन प्रवासी मजदूरों पर दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ चूल्हा जलाने के लिए गैस नहीं है, तो दूसरी तरफ कमाई का जरिया नहीं बचा।
एलपीजी संकट का सबसे अधिक असर होटल-रेस्टोरेंट पर पड़ा है। गैस की कमी के कारण छोटे-बड़े सैकड़ों होटल और रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं। नतीजतन, वहां काम करने वाले वेटर, रसोइये और सफाई कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई है। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम और पश्चिम बंगाल से आए इन प्रवासी मजदूरों पर दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ चूल्हा जलाने के लिए गैस नहीं है, तो दूसरी तरफ कमाई का जरिया नहीं बचा।






