लालकुआं: शॉर्ट सर्किट से लगी चूड़ी की दुकान में आग।

लालकुआं: शॉर्ट सर्किट से लगी चूड़ी की दुकान में आग।

नगर के मुख्य चौराहे पर स्थित कोतवाली के निकट चूड़ी की दुकान में शॉर्ट सर्किट से लगी आग से दुकान में रखा हजारों का सामान जलकर खाक हो गया बताया जा रहा है दुकान स्वामी अपनी दुकान बंद कर मस्जिद में नमाज पढ़ने गए हुए थे तभी दुकान में आज पड़ोसियों ने धुआं उठता देखा और देखते ही देखते आग ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया। इधर आज पड़ोसियों ने राहगीरों की मदद से समय रहते ही आग पर काबू कर लिया गया वरना बहुत बड़ी घटना घटित हो सकती थी।<strong>लालकुआं: शॉर्ट सर्किट से लगी चूड़ी की दुकान में आग।</strong>

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली के निकट सगीर सिद्धकी की चूड़ी की दुकान है जोकि बीती रात दुकान बंद कर मस्जिद में नमाज पढ़ने गए हुए थे कि अचानक आज पड़ोसियों ने उनकी दुकान में धुआं उठता देखा जब तक कुछ समझ में आता दुकान में लगी आग ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया आस पड़ोसियों ने राहगीरों की मदद से बमुश्किल दुकान में लगी आग पर काबू पाया वरना पूरी मार्केट अग्निकांड की चपेट में आ जाती अग्निकांड का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है बताया जा रहा है दुकान <strong>लालकुआं: शॉर्ट सर्किट से लगी चूड़ी की दुकान में आग।</strong>स्वामी सगीर की आर्थिक स्थिति भी सही नहीं है और उसने अभी कुछ दिन पहले ही गणमान्य लोगों की मदद से अपनी लड़की की शादी की थी। सगीर का पूरा घर इसी दुकान पर निर्भर है इसके अलावा उनका और कोई भी आय का साधन नहीं है। दुकान में रखा समान बुरी तरह जल कर खाक हो गया। नुकसान कितना हुआ है इसका अभी अंदाजा नहीं है मगर नुकसान काफी हुआ है।

और पढ़े  रुड़की- शुरू हुई अग्निवीर भर्ती: उत्साह के साथ दौड़े युवा, रोजाना 1 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी होंगे शामिल
  • Related Posts

    उत्तराखंड: उत्तरकाशी और यमुनोत्री घाटी में भूकंप के तेज झटके, कंपन महसूस होते ही घरों से बाहर भागे लोग

    उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय और यमुनोत्री घाटी में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का झटका महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। यमुनोत्री घाटी के खरसाली…

    ज्योतिर्मठ- हेमकुंड साहिब के कपाट बंद: बर्फबारी के बीच साल की अंतिम अरदास, ऐतिहासिक पल के साक्षी बने श्रद्धालु

    सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट आज शनिवार को साल की अंतिम अरदास के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस वर्ष धाम में रिकॉर्ड 3,84,573 से…