जोशीमठ PWD Guest House- गेस्ट हाउस पर चला बुलडोजर,अभी तक कुल 258 परिवारों को शिफ्ट कर लिया गया है।

Spread the love

जोशीमठ PWD Guest House- गेस्ट हाउस पर चला बुलडोजर,अभी तक कुल 258 परिवारों को शिफ्ट कर लिया गया है।

भूमि धंसाव के चलते जोशीमठ में हालात चिंता बढ़ा रहे हैं। जीएमवीएन का जो गेस्ट हाउस यहां आने वाले वैज्ञानिकों को ठिकाना बना था, बुधवार को उसमें भी दरारें आने से हड़कंप मच गया। आज गुरुवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस का जेसीबी की मदद से तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं आम जनमानस की सुरक्षा के दृष्टिगत भूधंंसाव के कारण दो अन्य क्षतिग्रस्त होटल कामेट एवं होटल स्नोक्रेस्ट को खाली कराया गया है।

जोशीमठ में प्रभावितों के लिए राहत शिविर बनाए गए संस्कृत महाविद्यालय भवनों में भी बारीक दरारें दिख रही हैं। हालांकि ये पुरानी बताई जा रही हैं। होटलों को तोड़ने की शुरुआत करने के बाद अब आवासीय भवनों को ढहाये जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बीच बुधवार को आठ और परिवारों को राहत शिविरों में ले जाया गया। अब तक 258 परिवारों को सुरक्षा की दृष्टि से शिफ्ट किया जा चुका है।


जोशीमठ में भू-धंसाव नहीं रुक रहा है। अब तक शहर के 849 भवनों में दरारें आ चुकी हैं। वहीं, होटल माउंट व्यू और मलारी इन के बाद अब दो अन्य कॉमेट और स्नो क्रेस्ट होटलों में भी दरारें आई हैं। होटल आपस में मिलने लगे हैं। वहीं, तहसील भवनों के ऊपरी और निचले हिस्से में भी भू-धंसाव हो रहा है। जोशीमठ में जांच के लिए आने वाले वैज्ञानिकों और अफसर गांधी मैदान के पास जीएमवीएन के वीआईपी गेस्ट हाउस में ही ठहरते थे। बुधवार की सुबह भवन में दरार दिखते ही कर्मचारियों ने इसकी सूचना चमोली के जिला पर्यटन अधिकारी को दी। पहले गेस्ट हाउस के प्रथम तल के कक्ष संख्या 204 से 208 तक पांच कमरों की दीवार में हल्की दरारें थीं। अब देखा गया तो ये दरारें और बढ़ गईं। कमरों और कार्यालय की दीवारों पर दरारें उभरी हुई हैं। इसके निचले तल में कुछ जगह पर टाइल्स भी उखड़ने लग गई हैं। इस लिहाज से गेस्ट हाउस के पांच डीलक्स कमरे असुरक्षित हो गए हैं। जिनमें पर्यटकों को ठहराना ठीक नहीं होगा। जल्द ही इस भवन को भी असुरक्षित घोषित करने के आसार हैं।
थाने के पीछे वाले भवनों में भी दरारें आ गई हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में यहां दरारें आई हैं। एक पुलिस कर्मी ने बताया कि थाने के पीछे एक बड़ा गड्ढा बना हुआ है और दो दिन में यहां दरारें काफी बढ़ी हैं। भू-धंसाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चमोली द्वारा जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार जोशीमठ नगर क्षेत्र के 9 वार्ड में 849 भवन प्रभावित हुए हैं। इसमें से 181 भवन ऐसे हैं जिनको असुरक्षित जोन के अंतर्गत रखा गया है।

और पढ़े  चमोली: देवाल के पास कार दुर्घटना में पूर्व सैनिक की मौत, तीन घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निकाला गया शव

Spread the love
  • Related Posts

    नैनीताल- सड़क हादसा: खूपी के पास गहरी खाई में गिरी कार, 2 पर्यटकों की मौत, दो गंभीर घायल

    Spread the love

    Spread the loveनैनीताल जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ज्योलीकोट-भवाली रोड पर खूपी के पास उन्नाव से जागेश्वर धाम जा रही पर्यटकों की कार गहरी खाई…


    Spread the love

    हल्द्वानी दौरे पर रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह- उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जनसभा को करेंगे संबोधित

    Spread the love

    Spread the loveहल्द्वानी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार 21 मार्च को जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। वह हल्द्वानी में उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *