जोशीमठ क्षेत्र में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में मारे गए सभी छह लोगों के शव देर रात सेना ने अपने कब्जे में ले लिए थे। हालांकि, अंधेरा होने और घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता दुर्गम होने के कारण शवों को रात में सड़क तक नहीं लाया जा सका। इसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा।
डीजीसीए और एएआईबी की टीम करेगी दुर्घटना की जांच, आज पहुंचेंगे विशेषज्ञ
चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुए हेलिकॉप्टर दुर्घटना की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) और डीजीसीए की टीम करेगी। शनिवार को विशेषज्ञों की टीम उत्तराखंड पहुंचेगी। जांच के बाद ही हादसे के कारणों का सही पता लग पाएगा। इस साल चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में पहला हेलिकॉप्टर हादसा है।
वर्ष 2025 में चारधाम यात्रा के दौरान पांच हेलिकॉप्टर हादसे हुए थे। इसमें तीन हादसों में आपात लैंडिंग में हेलिकॉप्टर क्षतिग्रस्त हुए थे लेकिन जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था। उत्तरकाशी व केदार घाटी में दो हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं में पायलट सहित 13 यात्रियों की मौत हुई थी। हेलिकॉप्टर दुर्घटना को रोकने के लिए प्रदेश सरकार के साथ डीजीसीए सख्त कदम उठाए थे।
डीजीसीए के दिशानिर्देश पर हेलिकॉप्टर संचालन के लिए एसओपी बनाने के साथ निगरानी बढ़ाई है। सोनप्रयाग व सहस्त्रधारा में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीएस) व सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए। इसके अलावा मौसम खराब होने पर हेलिकॉप्टरों की हवाई उड़ान की अंतिम नहीं दी जाती है।





