ईरान ने कुवैत के पावर प्लांट पर किया हमला, 1 भारतीय की मौत, पश्चिम एशिया में बढ़ रहा तनाव

कुवैत में ईरान की ओर से हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि रविवार शाम को हुए इस हमले में एक बड़े पावर और पानी के डीसैलिनेशन (समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाला) प्लांट के सर्विस बिल्डिंग को निशाना बनाया गया। इस हमले में वहां काम कर रहे एक भारतीय कर्मचारी की जान चली गई और इमारत को भारी नुकसान पहुंचा। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के एक महीने के दौरान भारतीय नागरिकों की मौतों की संख्या आठ हो गई है।

 

हमले के बाद तकनीकी और इमरजेंसी टीम तैनात
मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, यह हमला कुवैत के खिलाफ ईरानी आक्रामक कार्रवाई का हिस्सा था। हमले के तुरंत बाद तकनीकी और इमरजेंसी टीमों को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने हालात को संभालने और प्लांट को चालू रखने के लिए काम शुरू कर दिया। यह पूरा काम सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर किया जा रहा है ताकि प्रभावित इलाके को सुरक्षित किया जा सके और जरूरी सेवाएं जारी रह सकें।

सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। साथ ही भरोसा दिलाया है कि बिजली और पानी की सप्लाई को किसी भी हालत में बाधित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं और हर स्थिति के लिए तैयार हैं।

भारतीय दूतावास, कुवैत ने मृतक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की और इसे दुर्भाग्यपूर्ण निधन बताया। दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा ‘दूतावास कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर सभी संभव सहायता प्रदान करने के लिए निकटता से काम कर रहा है।’ कुवैती अधिकारियों ने इस हमले को सामूहिक और क्रूर बताया, हालांकि उन्होंने हमले के प्लांट की पहचान नहीं कराई।

लेबनान में भी बढ़ रहा तनाव
इधर, लेबनान में भी तनाव बढ़ता दिख रहा है। दक्षिणी लेबनान के अडचित अल-कुसैर इलाके में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (यूएनआईएफआईएल) के ठिकाने पर एक प्रोजेक्टाइल गिरने से एक शांति सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यूएनआईएफआईएल ने कहा कि यह प्रोजेक्टाइल कहां से आया, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। संगठन ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि शांति बनाए रखने के लिए काम कर रहे लोगों की जान जाना बहुत गंभीर बात है। यूएनआईएफआईएल ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें और शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर जानबूझकर शांति सैनिकों पर हमला किया जाता है, तो यह युद्ध अपराध माना जा सकता है।

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आईडीएफ का दावा- दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के कई लड़ाके ढेर
वहीं, इस्राइल की सेना (आईडीएफ) ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के कुछ लड़ाकों को मार गिराया, जो इस्राइली सैनिकों पर हमला करने की तैयारी कर रहे थे। सेना के मुताबिक, इन लोगों के पास विस्फोटक और मोर्टार थे। इसके अलावा, एक हथियारों का बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया, जिसमें एंटी-टैंक मिसाइल, ग्रेनेड और अन्य हथियार शामिल थे।

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