2030: आईओए ने राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी पर कसी कमर, समझौते के लिए गठित की समिति

Spread the love

 

राष्ट्रमंडल खेलों 2030 की मेजबानी पर कॉमनवेल्थ स्पोर्ट कार्यकारिणी की मुहर लगाने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने इन खेलों की मेजबानी पुख्ता बनाने पर कार्य शुरू कर दिया है। 26 नवंबर को भारत को इन खेलों की मेजबानी मिलते ही कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन (भारत) और कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) के बीच होस्ट कोलेबोरेशन एग्रीमेंट (मेजबान सहयोग समझौते) पर हस्ताक्षर करने होंगे। खेलों पर होने वाले खर्च, राजस्व की साझेदारी से लेकर अन्य अहम बातें इस समझौते के तहत ही तय होंगी। समझौते को तैयार करने के लिए लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह की अगुआई में नौ सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया।

 

प्रायोजक राशि की हिस्सेदारी भी तय होगी
ओलंपिक, एशियाई या राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का आधा मेजबान सहयोग समझौता (एचसीए) होता है। भारत को 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी 2003 में जमैका में मिली। इस दौरान भी सीजीएफ, आईओए, भारत सरकार और दिल्ली सरकार के बीच समझौता हुआ था। भारत की ओर से उस दौरान तकरीबन 18 सौ करोड़ के खर्च की गारंटी दी गई थी, बाद में इन खेलों की लागत 1,115 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैठी थी, इस राशि में खेलो से इतर इन्फ्रस्ट्रक्चर का खर्च शामिल नहीं है।

 

गुजरात सरकार होगी बड़ी साझेदार
एचसीए का बड़ा हिस्सा गुजरात सरकार, केंद्रीय खेल मंत्रालय और आईओए रहेगा जिसमें कानूनी, व्यवसायिक, परिचालन संबंधी मुद्दे रहेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह के मुताबिक एचसीए में देश और आईओए के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा और एथलीटों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आए, इसका भी ख्याल रखा जाएगा। समिति के अन्य सदस्यों में राजलक्ष्मी सिंह देव, गगन नारंग, कल्याण चौबे, अलकनंदा अशोक, अमिताभ शर्मा, रोहित राजपाल, सहदेव यादव, भूपिंदर सिंह बाजवा शामिल हैं।

और पढ़े  Petrol-Diesel- सरकार ने बढ़ाया पेट्रोल-डीजल और ATF निर्यात पर विंडफॉल टैक्स, नई दरें कब से लागू?

Spread the love
  • Related Posts

    दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मची आफत, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

    Spread the love

    Spread the loveदिल्ली के कुछ हिस्सों में आज सुबह भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने दिन भर मध्यम से भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया…


    Spread the love

    Delhi एसआईआर: 2002 की वोटर सूची में नाम न होने पर भी नहीं कटेगा वोट, चुनाव आयोग ने मतदाताओं को दी राहत

    Spread the love

    Spread the loveदिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने लाखों मतदाताओं के लिए बड़ी राहत देने वाला स्पष्टीकरण जारी किया है। मुख्य निर्वाचन…


    Spread the love