यूट्यूब पर शुरुआत करने वाले हर कंटेंट क्रिएटर सबसे पहले यही सोचता है कि उसके वीडियों के एक लाख व्यूज पर कितनी कमाई ? कई लोगों को लगता है कि हर वीडियो से कमाई तय होती है, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। यूट्यूब पर कमाई कई बातों पर निर्भर करती है। इनमें सबसे अहम चार फैक्टर होते हैं।
भारत में ऐड रेट्स कम होते हैं, जबकि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा जैसे देशों में रेट काफी ज्यादा हैं। यानी अगर आपके एक लाख व्यूज में बड़ा हिस्सा विदेशी दर्शकों का है, तो कमाई ज्यादा अच्छी होगी।
यूट्यूब विज्ञापनों की कीमत कंटेंट कैटेगरी पर निर्भर करती है। फाइनेंस, बिजनेस या स्टॉक मार्केट, शिक्षा व करियर और टेक्नोलाॅजी सबसे ज्यादा कमाई वाली कैटेगरी होती है। मनोरंजन, म्यूजिक व ब्लॉगिंग कैटेगरी में एड रेट कम होते हैं।
कमाई कैसी है यह भी एड के प्रकार पर निर्भर करेगी। जैसे की कोई एड ऐसा है, जिसमें स्किप करने का विकल्प नहीं है तो कमाई ज्यादा होगी। स्किप करने के विकल्प वाले विज्ञापन पर कम कमाई और डिस्प्ले विज्ञापनों पर बहुत कम कमाई होती है।







