बांग्लादेश- विदाई भाषण में मोहम्मद यूनुस ने आलापा ‘सेवन सिस्टर्स’ का राग, गिनाईं 18 महीने की उपलब्धियां भी

Spread the love

 

बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को अपने विदाई संबोधन में दावा किया कि उनके 18 महीने के शासनकाल ने देश की विदेश नीति को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि अब बांग्लादेश किसी के निर्देशों पर चलने वाला आज्ञाकारी देश नहीं रहा, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाला आत्मविश्वासी राष्ट्र बन चुका है।

 

टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में यूनुस ने कहा आज का बांग्लादेश संप्रभुता, राष्ट्रीय हित और गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने इन तीन मूल स्तंभों को फिर से मजबूत किया। यूनुस ने अपने संबोधन में कहा ‘मैं सभी नागरिकों से, चाहे वे किसी भी दल, धर्म, पंथ, जाति या लिंग से जुड़े हों, एक न्यायपूर्ण, मानवीय और लोकतांत्रिक बांग्लादेश के निर्माण के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील करता हूं। इसी आशा के साथ मैं विदा ले रहा हूं।’ उन्होंने कहा कि देश की भौगोलिक स्थिति पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में बड़े आर्थिक अवसर पैदा करने की क्षमता रखती है।

 

सेवन सिस्टर्स का राग आलापा
यूनुस ने बांग्लादेश के खुले समुद्री क्षेत्र को रणनीतिक संपत्ति बताते हुए कहा कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ने का प्रवेश द्वार है। उन्होंने नेपाल, भूटान और पूर्वोत्तर भारत (जिससे सेवन सिस्टर्स भी कहा जाता है) के साथ व्यापक क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाओं पर भी बल दिया। यूनुस ने कहा हमारा खुला समुद्री क्षेत्र केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ने का प्रवेश द्वार है। उनके मुताबिक, देश के विकास के अगले चरण में बेहतर कनेक्टिविटी केंद्रीय भूमिका निभाएगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में करीब 130 नए कानून बनाए गए, कई कानूनों में संशोधन हुआ और 600 कार्यकारी आदेश जारी किए गए, जिनमें से अधिकांश लागू हो चुके हैं। इससे पहले दिन में उन्होंने वरिष्ठ नौकरशाहों से मुलाकात की और अपने कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ एक औपचारिक फोटो सत्र में हिस्सा लिया।

भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव
यूनुस के कार्यकाल में भारत के साथ रिश्तों में ठंडापन देखने को मिला। भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय पर हमलों को लेकर चिंता जताई थी। विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक मतभेदों का असर व्यापार और आर्थिक सहयोग पर भी पड़ा। कुछ विदेशी विशेषज्ञों ने कहा कि यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश को विदेश नीति में सीमित लाभ मिला, जबकि पाकिस्तान के साथ संबंधों में अचानक सकारात्मकता दिखी, जिस पर देश के भीतर सहमति नहीं बन पाई। राजनीतिक और सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यूनुस सरकार ने पहले से ध्रुवीकृत राजनीतिक माहौल को और जटिल बना दिया।

और पढ़े  अंता में बोर्ड परीक्षा के तनाव से 10वीं की छात्रा ने की आत्महत्या, NTPC परिसर में हुई वारदात

नई सरकार का शपथ ग्रहण आज
यूनुस का कार्यकाल अगस्त 2024 में शुरू हुआ था और अब आम चुनाव के बाद नई सरकार शपथ लेने जा रही है। बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में 297 में से 209 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। पार्टी के नेता तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार मंगलवार को शपथ लेगी।


Spread the love
  • Related Posts

    Today Gold Silver Price-: चांदी ₹4800 तक टूटी, सोना भी ₹1200 सस्ता

    Spread the love

    Spread the loveसोने-चांदी की कीमतों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। सोने का भाव 1230 रुपये गिरकर 1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत…


    Spread the love

    मैक्रों का भारत दौरा,PM करेंगे मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता, राफेल विमान सौदे समेत इन मुद्दों पर होगी चर्चा

    Spread the love

    Spread the loveफ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों मंगलवार को भारत यात्रा के लिए मुंबई पहुंचे। उनकी यह यात्रा 19 फरवरी तक चलेगी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति और…


    Spread the love