आईना देख लिया तो सच्चाई कहां छिपाओगे?’, PM ने विपक्षी दलों पर चुन-चुनकर साधा निशाना, पढ़ें ये 10 बड़े बयान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। उनके भाषण की शुरुआत के दौरान जमकर हंगामा हुआ। बाद में विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, वाम दल जैसे दलों की नाकामियों के बारे में बताया। वहीं, पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की नीतियों पर भी जमकर निशाना साधा। पढ़ें, उनके भाषण की प्रमुख बातें…

 

 

1. हंगामे पर
प्रधानमंत्री ने भाषण की शुरुआत के दौरान कहा, ”मेरी एक प्रार्थना है। आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए अगर वे बैठकर भी नारे लगाना चाहें तो लगा सकते हैं। पीछे कुछ युवा नेता भी हैं…।”

2. राजा असमानता की बात करे तो…
प्रधानमंत्री ने कहा, ”कल मैं एक माननीय सदस्य को सुन रहा था। यूं तो वे अपने आप को राजा कहलाने में गर्व महसूस करते हैं, लेकिन कल आर्थिक असमानता की बात कर रहे थे। कोई अपने आप को राजा कहे और आर्थिक असमानता की बात करे तो क्या कहेंगे?”

3. जो थक गए, वो चले गए
पीएम ने कहा, ”जो लोग थक गए, वो बेचारे चले गए, लेकिन इनको जवाब देना पड़ेगा कि देश की ऐसी हालत कैसे बना रखी थी कि दुनिया का कोई देश हमसे समझौता करने नहीं आना चाहता था।”

4. पूर्व प्रधानमंत्रियों के भाषण
उन्होंने कहा, ”अब जहां तक कांग्रेस का सवाल है, मैं साफ कहना चाहता हूं कि कुछ मत करो। सिर्फ लाल किले से कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के जो भाषण हैं, उनका विश्लेषण कर लो। आपको साफ लगेगा कि न उनके पास कोई सोच थी, न उनके पास विजन था, न ही इच्छा शक्ति थी। इसका नतीजा देश को भुगतना पड़ा।”

5. निमर्मता के नए पैरामीटर
प्रधानमंत्री मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा और कहा, ”हमारे तृणमूल कांग्रेस के साथियों ने बहुत कुछ कहा। निर्मम सरकार और उसके पतन के जितने भी पैरामीटर्स हैं, उन सब में वे नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और यहां उपदेश दे रहे हैं। (बंगाल में) क्या हाल किया है। ऐसी निर्मम सरकारों से भारत का भविष्य डूब रहा है। उनके लिए महिलाओं पर अत्याचार होता है तो होते रहे, सत्ता नीति के अलावा कुछ करना नहीं है। वे हमें यहां उपदेश दे रहे हैं। ऐसे मुद्दों पर आंखें मूंदकर बैठे हुए लोग हैं।”

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6. जिनकी सरकार शराब में डूब गई
”एक हमारे माननीय सदस्य यहां बैठे बोल रहे थे। जिनकी सरकार शराब में डूब गई। जिनका शीशमहल हर एक की आंखों में बैठ गया। ऐसे सभी साथियों से मैं कहूंगा कि तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे?”

7. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर
प्रधानमंत्री ने कहा, ”ये लोग पीएसयू को लेकर कितनी गलत बातें फैलाते रहे। यह अर्बन नक्सल की तरह पीएसयू के बाहर मजदूरों को भड़काने-गुमराह करने का काम करते थे। इन्होंने स्टेट बैंक, एलआईसी, एचएएल को भद्दे तरीके से संभाला। वे अपनी सरकार में इन्हें संभाल नहीं पाते थे, लेकिन हमने पीएसयू के लिए रिफॉर्म्स किए। जिन पीएसयू पर कांग्रेस के नेता ताले लगवाने वाले थे और उसी पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकते थे, आज हमारे वही पीएसयू रिकॉर्ड लाभ में हैं।”

8. नेहरू और इंदिरा पर निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”कांग्रेस ने विश्वासघात करने के विषय में भी हमारे देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा। इस देश में 10 करोड़ किसान ऐसे हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। छोटे किसान हैं, उनकी तरफ कभी नहीं देखा गया। …एक बार आपकी नेता हिमाचल में गईं। वहां सड़क नहीं थी। उन्होंने योजना आयोग में कहा कि हमारे कामदारों को जीप की जरूरत नहीं है, बल्कि खच्चरों की आवश्यकता है, लेकिन उस वक्त योजना आयोग का जोर था कि या तो जीप या कुछ नहीं। यह भाषण और किसी का नहीं कांग्रेस की तत्कालीन नेता इंदिरा गांधी का भाषण था। कांग्रेस की यही कार्यशैली रही थी। खुद इंदिरा गांधी जी यह जानती थीं लेकिन इस कार्यशैली को बदलने के लिए उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। वे जिस प्लानिंग कमीशन की धज्जियां उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता उनके खुद के पिताजी थे। कांग्रेस के हमारे साथियों को यह जो बदलाव आ रहा है, उसमें इंप्लीमेंटेशन नहीं दिख रहा है। इनका जीप और खच्चर वाला मॉडल ही ये लोग जानते हैं।”

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पीएम मोदी ने कहा, इंदिरा जी एक बार ईरान गईं, वे ईरान में भाषण दे रही थीं। उस भाषण में उन्होंने नेहरू जी के साथ बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा था- जब किसी ने मेरे पिताजी से पूछा यानी नेहरू जी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्या है, तो उन्होंने कहा 35 करोड़। उस समय हमारे देश की जनसंख्या थी 35 करोड़। 35 करोड़ देशवासी नेहरू जी को समस्या लगते थे। इस बात का उदाहरण देते हुए इंदिरा जी ने आगे कहा- आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है। इसलिए मेरे लिए समस्या भी इतनी ही है। उन्हें अब 57 करोड़ लोग समस्या लगने लगे थे।” नेहरू जी हों, इंदिरा जी हों या पूरी कांग्रेस बिरादरी हो, ये लोग देशवासियों को समस्या मानते थे। ऐसे लोग सिर्फ अपने परिवार का ही भला करेंगे। मैंने देश के सामने कहा है क्योंकि ये मेरा कन्विक्शन है। चुनौतियां कितनी ही क्यों न हों, 140 करोड़ लोग हमारे साथ हैं। हमारे लिए हर देशवासी भारत का कर्ता-धर्ता है।

 

9- पीएम मोदी ने राहुल को बताया-  शातिर दिमाग युवराज
पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कल जो घटना घटी, इसी सदन के सांसद कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने उन्हें गद्दार कह दिया। अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच चुका है उनका। कांग्रेस को छोड़कर कितने लोग निकले हैं। कई लोग दूसरे देशों में गए हैं। और किसी को तो उन्होंने गद्दार नहीं कहा है। लेकिन कल उन्होंने सांसद को गद्दार कहा क्योंकि वो सिख थे। उनके अंदर सिखों के लिए जो नफरत भरी है, यह उसका ही उदाहरण था। जिसका परिवार देश के लिए शहादत देने वाला परिवार है, उसके वह सदस्य हैं, उन्होंने पार्टी बदल ली तो वे गद्दार हो गए। वे एक सिख हैं, इसके लिए गद्दार कहना ये दुर्भाग्य की बात है।

10- ‘मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रहे’
प्रधानमंत्री ने कहा, हम विकसित भारत की जमीन मजबूत कर रहे हैं, उसे एक ताकत दे रहे हैं। एक तरफ देश के युवाओं के लिए मजबूत जमीन तैयार कर रहा हूं तो कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम कर रही है। मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रहे हैं। ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है जो देश के ही नागरिक की कब्र खोदने की बात कर रही हो। क्या यह मानवता का अपमान नहीं है। किस प्रकार के संस्कार में पले-बढ़े लोग हैं ये।

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पीएम ने आगे कहा कि मेरा अनुभव पुराना है। 2002 से जब वे विपक्ष में थे, तबसे 2004 में जब वे सत्ता में आए तब से और 2014 में जब मैं सत्ता में आए तबसे संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जब सदन से मोदी को गाली देने का काम न किया गया हो। करीब 25 साल। मैं संसद में नहीं था कई मौकों पर। मुझसे किसी ने पूछा था कि मोदीजी आपका स्वास्थ्य कैसे ठीक रहता है, मैंने कहा था कि मैं रोज दो किलो गाली खाता हूं। हमने अनुच्छेद 370 हटाया इसलिए वे मोदी की कब्र खोदते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों को घर में घुसकर मारा, इसलिए मोदी की कब्र खुदेगी। माओवादी आतंक से देश को आजाद करने के लिए कदम उठा रहे हैं, इसलिए उन्होंने मोदी की कब्र खोदनी है। नेहरू जी के समय में हमने सिंधु जल समझौता कर के जो गलती की थी, उसे मोदी ने हटा दिया, इसलिए मोदी की कब्र खोदते हुए।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा, असल में कांग्रेस की परेशानी दूसरी है। उनकी परेशानी है कि मोदी यहां तक पहुंचा कैसे। उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री पद उनके परिवार की जागीर है। यह जो मोहब्बत की दुकान में आग भरी है न उसका परिणाम है। उन्हें लगता है कि यह प्रधानमंत्री पद हमारा अधिकार था, इसलिए वे मोदी की कब्र खुदने का नारा लेकर चल रहे हैं। कांग्रेस के शाही परिवार को देश ने इतने दशकों तक अवसर दिया है। देश ने अपना भविष्य आपके लिए भी दांव पर लगाया था। कांग्रेस के एक भी आज तक गरीबी हटाने की बात न आई हो ऐसा नहीं हुआ, लेकिन उन्होने इसे हटाने के लिए किया क्या, यह आज तक सामने नहीं आया।


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