होर्मुज- बढ़ा तनाव: ईरान ने चार जहाजों पर दागीं मिसाइलें, बुशहर में अमेरिकी विमान गिराने का भी किया दावा

श्चिम एशिया में स्थिति एक बार फिर बेहद संवेदनशील हो गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सुरक्षा बलों ने समन्वय की कमी का हवाला देते हुए चार अज्ञात जहाजों पर चेतावनी मिसाइलें दागी हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हालिया सैन्य हमलों के कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है।

 

समन्वय न होने पर दागी गईं मिसाइलें
ईरानी राज्य प्रसारक आईआरआईबी की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना स्थानीय समयानुसार रात करीब 12:35 बजे हुई। चार अज्ञात जहाजों ने ईरानी सुरक्षा बलों को सूचित किए बिना फारस की खाड़ी में प्रवेश करने का प्रयास किया। जब इन जहाजों ने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया, तो ईरानी बलों ने उन पर चेतावनी शॉट दागे, जिसके बाद जहाजों को वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। ईरान समर्थक मीडिया का दावा है कि इन जहाजों ने तय समुद्री प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया था। फिलहाल इन जहाजों की पहचान और उनकी मंजिल का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में इनके संबंध अमेरिका से होने का दावा किया गया है।

 

बुशहर में विमान मार गिराने का दावा, यूएस ने किया खारिज 
इस घटना के तुरंत बाद, शुक्रवार तड़के ईरानी सरकारी टेलीविजन ने दावा किया कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली ने तटीय बुशहर प्रांत के जाम क्षेत्र में एक अमेरिकी विमान को मार गिराया है। तस्नीम समाचार एजेंसी ने जाम काउंटी के गवर्नर मसूद तंगेस्तानी के हवाले से इस बात की पुष्टि की। हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरानी दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पिछले चार दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव काफी तेज हुआ है।

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25 मई: अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल ठिकानों और नावों पर हमले किए, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के चार सैनिक मारे गए।

27 मई: अमेरिकी बलों ने चार ईरानी लड़ाकू ड्रोन मार गिराए और बंदर अब्बास में एक ग्राउंड-कंट्रोल स्टेशन को नष्ट कर दिया।

28 मई : ईरान ने कुवैत में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे हवा में ही सफलतापूर्वक रोक दिया गया।

नए अमेरिकी प्रतिबंध और युद्धविराम पर सस्पेंस
इस सैन्य तनाव के बीच, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के सैन्य अभियानों को मिलने वाले फंड को रोकने के लिए उसके तेल शिपिंग नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसके तहत आठ तेल टैंकरों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, जिनमें मार्शल द्वीप समूह का फ्लोरा, कोमोरोस का हौंकायो और पनामा का इल्ल गैप शामिल हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इसका उद्देश्य ईरान को सेना के पुनर्गठन के लिए तेल राजस्व जुटाने से रोकना है।

यह पूरी कार्रवाई उस समय हुई है जब दोनों पक्ष 60 दिनों के युद्धविराम विस्तार और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के एक समझौते पर सहमत हो चुके थे। हालांकि, इस समझौते को अभी तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता मोजताबा खामेनेई की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

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