हिमाचल प्रदेश- लड़कों और लड़कियों के 38 स्कूल मर्ज, अब पढ़ेंगे एकसाथ

Spread the love

हिमाचल प्रदेश में लड़के और लड़कियों के 38 स्कूल मर्ज कर सह शिक्षा स्कूल बना दिए गए हैं। 500 मीटर से एक किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूल मर्ज करने की शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत शिमला-बिलासपुर के 4-4, कांगड़ा के 12, मंडी के 8, सोलन के 6 और हमीरपुर-चंबा के 2-2 छात्र-छात्राओं वाले स्कूल मर्ज कर सह शिक्षा बनाए गए हैं। इनमें 12 पीएम श्री स्कूलों में अन्य स्कूल मर्ज किए गए हैं। मर्ज किए गए इन सभी सह शिक्षा स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम की पढ़ाई करवाई जाएगी।

 

शिक्षा विभाग का तर्क है कि सह शिक्षा होने के बाद संबद्धता के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी। शिक्षक व स्टाफ की तैनाती में संतुलन आएगा। आधारभूत ढांचे का बेहतर उपयोग हो सकेगा। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण का लाभ मिलेगा। शिक्षा सचिव की ओर से जारी अधिसूचना के तहत जिन विद्यालयों को सीबीएसई संबद्धता के लिए लीड स्कूल के रूप में नामित किया गया है, उनके प्रधानाचार्य अब विलय के बाद बने सह-शैक्षिक (को-एजुकेशनल) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करेंगे।

विलय के बाद लीड स्कूल के प्रधानाचार्य ही नवगठित सह-शैक्षिक विद्यालय की कमान संभालेंगे। जो विद्यालय सीबीएसई संबद्धता के लिए लीड स्कूल नहीं हैं, उनके प्रधानाचार्यों को संबंधित उपनिदेशक (माध्यमिक शिक्षा) के कार्यालय में अगली तैनाती तक रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

दोनों विलय किए जा रहे विद्यालयों का समस्त शिक्षकीय व गैर-शिक्षकीय स्टाफ अब नवगठित विद्यालय के प्रधानाचार्य के प्रशासनिक नियंत्रण में रहेगा। पूर्व में संचालित छात्रा स्कूलों के भवन और अधोसंरचना का उपयोग प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय और स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए किए जाने का निर्णय लिया गया है।
और पढ़े  Gas Cylinder Shortage: हिमाचल में व्यावसायिक सिलिंडरों का संकट, गोदाम खाली, जानें..

स्कूल शिक्षा निदेशक को विलय, रूपांतरण और पुनर्गठन की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें स्टाफ के स्थानांतरण और युक्तिकरण, स्वीकृत पदों का समायोजन, कार्यालय अभिलेख, स्टॉक, भूमि और भवनों के हस्तांतरण जैसे सभी प्रशासनिक पहलू शामिल होंगे।

इन स्कूलों को मर्ज कर बनाया सह शिक्षा
बिलासपुर, घुमारवीं, नादौन, धर्मशाला, इंदौरा, देहरा, नूरपुर, पालमपुर, ज्वाली, भंगरोटू, जोगेंद्रनगर, सरकाघाट, मंडी, अर्की, कुनिहार, नालागढ़, जुब्बल, कोटखाई और भरमौर स्थित छात्र और छात्राओं के स्कूलों को मर्ज कर सह शिक्षा बनाया गया है।

सरकार ने 21 स्कूलों को भी सह शिक्षा बनाया
सरकार ने 21 अन्य स्कूलों को भी सह शिक्षा बना दिया है। नगरोटा बगवां, कुल्लू, नाहन, पांवटा साहिब, रामपुर, रोहड़ू, ठियोग, चंबा, आनी, ऊना और शिमला के लालपानी स्कूल को सह शिक्षा बनाया गया है। लालपानी स्कूल में सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। शेष क्षेत्रों के बीस स्कूलों में एक स्कूल शिक्षा बोर्ड और एक सीबीएसई से संबंद्ध रहेगा। सीबीएसई के तहत नगरोटा छात्र, कुल्लू छात्रा, नाहन छात्रा, पांवटा साहिब छात्र, रामपुर छात्र, रोहड़ू छात्र, ठियोग छात्रा, चंबा छात्रा, पीएम श्री मॉडल स्कूल आनी, ऊना छात्र स्कूल को शामिल किया गया है। सह शिक्षा बनाए शेष दस स्कूलों को स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला संबंद्ध किया गया है।

Spread the love
  • Related Posts

    हिमाचल: पत्नी ने पति पर फेंक दिया खौलता हुआ दूध, पुलिस ने दर्ज किया मामला

    Spread the love

    Spread the loveसरकाघाट पुलिस थाना हटली के तहतत जमनौंण गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मामूली बहस के बाद एक पत्नी ने अपने पति पर खौलता हुआ…


    Spread the love

    Gas Cylinder Shortage: हिमाचल में व्यावसायिक सिलिंडरों का संकट, गोदाम खाली, जानें..

    Spread the love

    Spread the loveअमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से राजधानी शिमला में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की सप्लाई अब प्रभावित होने लगी है। तीन दिन से शहर की गैस…


    Spread the love