हिमाचल पंचायत चुनाव: पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, आरक्षण रोस्टर 31 मार्च तक जमा कराने के निर्देश

हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने जिलों का आरक्षण रोस्टर तैयार कर 31 मार्च तक पंचायतीराज विभाग में जमा कराएं। यह प्रक्रिया चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है। उपायुक्तों ने जिलों में पंचायतीराज चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपायुक्तों रोस्टर जारी करने के बाद उसकी प्रतिलिपि पंचायतीराज विभाग को सौंपेंगे। निर्देशों के अनुसार यह कवायद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप की जा रही है।

 

कोर्ट के निर्देशों के तहत पंचायत चुनाव से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज 31 मार्च तक राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपना अनिवार्य होगा। दूसरी ओर, नई गठित पंचायतों में मतदाता सूचियों के प्रकाशन की प्रक्रिया भी अप्रैल में पूरी की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मतदाता सूची का प्रकाशन चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण होता है, जिससे मतदाताओं को अपने नामों की जांच और आवश्यक सुधार का अवसर मिलता है। सरकार की योजना के अनुसार 31 मई से पहले ही पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव संपन्न कराए जाने हैं। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायतीराज विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

पंचायत के  पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन मामले पर मंगलवार को भी होगी सुनवाई
वहीं हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट पंचायत के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन को लेकर दायर याचिकाओं पर मंगलवार को भी सुनवाई करेगा। याचिकाओं की कोर्ट में सुनवाई के चलते प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव के रोस्टर मंगलवार को जारी नहीं कर पाएंगी। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। राज्य चुनाव आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार की ओर से 13 फरवरी के बाद पुनर्गठित और नवगठित पंचायत के सीमांकन को लेकर दिए गए प्रस्ताव को सहमति दे दी गई है। वहीं राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने दायर 15 याचिकाओं पर स्थिति को स्पष्ट करने के लिए मामले की सुनवाई को मंगलवार के लिए रखने की मांग की, जिसे अदालत में स्वीकार कर दिया।

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