हल्द्वानी- व्लॉगर दीक्षा पांडे ने कालाढूंगी कोतवाली में खाया जहरीला पदार्थ, बची जान

Spread the love

 

 

ल्द्वानी के गौलापार स्थित ससुराल में उत्पीड़न के खिलाफ धरने पर बैठने और वीडियो बनाकर वॉयरल करने वाली कालाढूंगी की महिला ब्लॉगर दीक्षा पांडेय ने सोमवार की दोपहर में कालाढूंगी कोतवाली में जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस ने थाने के अंदर जहर खाने की बात से इंकार किया है। उधर दीक्षा की बहन और मां ने उसे एसटीएच में भर्ती कराया, यहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। दीक्षा ने पुलिस पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

 

कुछ दिन पहले दीक्षा पांडेय ने फौजियों को लेकर एक पोस्ट की थी। यह पोस्ट एक महिला ब्लॉगर से जुड़ी थी। इसके बाद से पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में वीडियो वार चल रहा था। महिला ब्लॉगर के समर्थन में कुछ संगठन भी खड़े हो गए। दीक्षा पांडेय ने कहा कि यह पोस्ट डालने के बाद कई तरह की प्रतिक्रिया आई थी। जनभावना का सम्मान करते हुए मैंने माफी मांगी थी लेकिन कुछ लोग लगातार धमकी दे रहे थे। इसकी तहरीर भी थाने में दी गई लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। दीक्षा ने आरोप लगाया कि पुलिस दूसरे पक्ष के साथ मिलकर लगातार उत्पीड़न कर रही थी। दीक्षा की बहन संध्या ने एसटीएच में बताया कि माफी मांगने के बाद भी उसकी बहन को प्रताड़ित किया जा रहा है। रविवार की रात पुलिस घर पर आई थी। अगले दिन सुबह कोतवाली बुलाया गया था। लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर उसकी बहन ने यह कदम उठाया। मां प्रेमा पांडे ने बताया कि दीक्षा का उपचार चल रहा है। वह खतरे से बाहर है लेकिन लगातार धमकी देना गलत है।

महिला ने खुदकुशी का वीडियो डाला था। इस वजह से उन्हें कोतवाली बुलाया गया था। यहां उनकी काउंसिलिंग कराई गई। यहां से वह चली गई। जाने के बाद क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।-अमित कुमार सैनी, प्रभारी सीओ रामनगर

और पढ़े  अल्मोड़ा को सीएम धामी की 138 करोड़ की सौगात, विवि भवन समेत 26 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

 

ऐसे चला घटनाक्रम

दीक्षा पांडेय का मायका छोटी हल्द्वानी कालाढूंगी में है जबकि ससुराल गौलापार में। कुछ माह पहले उन्होंने अपने ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और बुद्ध पार्क में धरना दिया। यहां उन्होंने वीडियो बनाई और वॉयरल किया। दूसरी महिला व्लॉगर दीक्षा के ससुराल वालों के पास गईं और उनका पक्ष जाना। इसी बात पर तनातनी हुई और दोनों एक दूसरे के खिलाफ वीडियो बनाने लगीं। इसी बीच दीक्षा ने कुछ दिन पहले फौजी वाला वीडियो डाला जिससे वह ट्रोल होने लगीं थी।

सोशल मीडिया बना वार रूम

दीक्षा का मामला नया नहीं है। इससे पहले हल्द्वानी की दो महिला व्लॉगर के बीच विवाद सामने आया था। यहां तो सड़क पर मारपीट जैसी स्थिति बन गई थी। दोनों मे से एक महिला व्लॉगर पर तो पुलिस ने कई प्राथमिकी दर्ज कर दी थी। यह मामला काफी बाद निपटा और अब दोनों खामोश है लेकिन यह नया मामला फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया, वार रूम की तरह कार्य कर रहा है।


Spread the love
  • Related Posts

    देहरादून: फोन इस्तेमाल करने में पहाड़ की महिलाएं पीछे नहीं, पिछले 3 साल में 12% बढ़ा मोबाइल का उपयोग

    Spread the love

    Spread the love   उत्तराखंड में पहाड़ की महिलाएं भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने में पीछे नहीं है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार…


    Spread the love

    देहरादून- देहरादून के नए DM किसे मानते हैं सबसे बड़ी चुनौती?बताई जनता दरबार का नाम बदलने की वजह

    Spread the love

    Spread the loveराज्य गठन के बाद से देहरादून में विकास हुआ है लेकिन नित नई समस्याएं भी जन्म लेती हैं। बढ़ती आबादी के सापेक्ष संसाधन उपलब्ध कराना हर किसी प्रशासनिक…


    Spread the love