हल्द्वानी- किस सवाल पर अटक गईं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड की सह प्रभारी रेखा वर्मा

हल्द्वानी- किस सवाल पर अटक गईं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड की सह प्रभारी रेखा वर्मा

भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड की सह प्रभारी रेखा वर्मा और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट आज हल्द्वानी पहुंचे। यहां पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने भाजपा के महाजनसंपर्क अभियान के बारे में जानकारी दी और पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार को 9 साल पूरे होने पर उपलब्धियां गिनाईं। कहा कि इस जनसंपर्क अभियान में भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता डोर टू डोर संपर्क करेगा। वहीं इस दौरान सह प्रभारी रेखा वर्मा से जब पूछा गया की दो हजार के नोट बंद करने के फैसला सरकार द्वारा क्यों लिया गया तो वे हंसने लगी और सवाल को टालने की कोशिश करने लगीं पर मीडिया के सामने वह केवल इतना कहकर बच निकलीं की यह फैसला सरकार द्वार कुछ सोच कर ही लिया होगा..<strong>हल्द्वानी-  किस सवाल पर अटक गईं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड की सह प्रभारी रेखा वर्मा</strong> इसका फायदा ही होगा और दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। वहीं उनसे जब बेरोजगारी,शिक्षा और अर्थव्यवस्था को लेकर सवाल पूछे गए तो एक बार फिर जनता को दिए गए लाभ और योजनाओं की जानकारी का हवाला देकर निकल गईं वहीं जब उनसे जब अगला प्रश्न पूछा गया कि क्या आने वाले लोकसभा चुनावों में पांच सांसदों का चेहरा बदल सकता है तो वे 2024 की तैयारी करने की बात को लेकर केवल इतना ही कह पाईं की अभी ध्यान केवल चुनावी तैयारियों पर है अभी सारे सांसद तैयारियों में लगे हैं…

और पढ़े  उत्तराखंड: विभागों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश, ग्लेशियर झीलों की अत्याधुनिक तकनीक से होगी निगरानी
  • Related Posts

    पौड़ी- विकासखंड थलीसैंण के दूरस्थ मजरा महादेव पहुंचीं DM, तहसील दिवस में 175 से अधिक शिकायतों पर मौके से तय हुई कार्रवाई

          दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न आना पड़े, इसी उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता…

    गड़बड़- उत्तराखंड में तबादलों के लिए शिक्षिकाएं ले रहीं कागजी तलाक, मामलों के खुलासे पर बैठी जांच

    शिक्षा विभाग में सुगम क्षेत्रों में तबादला पाने के लिए शिक्षिकाएं कागजी तलाक का सहारा ले रही हैं। यह मनचाही तैनाती पाने का तरीका है। हाल ही में हुए 1500…