जिम के कोच को 20 वर्ष और महिला प्रिंसिपल को 3 साल जेल की सजा, दोनों बच्ची के उत्पीड़न के अपराधी

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तेलंगाना की एक अदालत ने उत्पीड़न मामले में एक जिम्नास्टिक कोच और एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल को दोषी ठहराया है। यह मामला 2019 का है। जिसमें तीन साल की छात्रा शामिल थी। अदालत ने उन्हें जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया है।

 

कौन हैं दोनों आरोपी?
साइबराबाद के डीसीपी क्राइम, ए. मुथ्यम रेड्डी के अनुसार, ‘आरोपी कुरा किरण साई (31), निवासी अशोक नगर, चिकडापल्ली, हैदराबाद, जो जिम्नास्टिक और कराटे कोच के रूप में कार्यरत हैं। उनको दोषी पाया गया। उन्होंने कम से कम 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही  चिलाकमुक्कू दीपिका (37), पत्नी चौधरी डेविड, निवासी मियापुर, सेरिलिंगमपल्ली, जो एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत हैं। उनको 3 वर्ष के साधारण कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।’

 

दूसरे आरोपी को मियापुर पुलिस स्टेशन, साइबरबाद में आईपीसी की धारा 376(ए)(बी) और पीओसीएसओ अधिनियम, 2012 की धारा 5(एम) के साथ धारा 6 तथा किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत दोषी ठहराया गया है।
कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
राजेंद्रनगर स्थित आरआर जिले में बलात्कार और पीओसीएसओ अधिनियम के मामलों की सुनवाई और निपटान के लिए विशेष न्यायाधीश टी श्रीनिवास ने पूर्ण सुनवाई के बाद आरोपियों को दोषी ठहराया और उपरोक्त सजा सुनाई तथा पीड़िता को 3,00,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

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