GST बचत उत्सव:- सस्ता होगा इस साल का नवरात्र व्रत, सब्जियों के घटेंगे दाम और GST कम होने से खर्च घटेगा

 

 

स बार नवरात्रों में व्रत रखने वालों को जेब कम ढीली करनी पड़ेगी। इस समय बाजार में सब्जियां काफी सस्ती हैं और व्रत के दौरान भी सब्जियों की कीमतों में अधिक उछाल की संभावना नहीं है। इसके साथ-साथ जीएसटी दरों के कम होने के कारण व्रत में खाए जाने वाले पदार्थों की कीमतें भी काबू में रहेंगी। यानी इस नवरात्रि में व्रत रखना भक्तों के लिए कम खर्चीला साबित होने वाला है।

व्रत के दौरान व्रत रखने वाले लोग आलू, टमाटर, लौकी, सीताफल और पालक जैसी सब्जियों का खूब उपयोग करते हैं। व्रत को देखते हुए हर बार आलू के दामों में नवरात्रों के पहले अचानक तेजी आ जाती थी। लेकिन इस बार पर्याप्त पैदावार और सही आवक बनी रहने के कारण अच्छी क्वालिटी का चिप्सोना  आलू अभी भी खुदरा बाजार में 20-25 रुपये किलो के बीच उपलब्ध है। बेहतर क्वालिटी के आलू की कीमतें भी 30 रुपये किलो से अधिक नहीं हैं। इससे व्रत रखने वालों को राहत मिली है।
टमाटर ने भी इस बार व्रतों के दौरान अपना तेज रुख नहीं दिखाया है। इस बार हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में तेज बारिश के बाद भी दिल्ली की गाजीपुर सब्जी मंडी से लेकर आजादपुर सब्जी की फल-सब्जी मंडी में टमाटर की आवक कम नहीं हुई। आवक कम न होने के कारण त्योहारी सीजन आ जाने के बाद भी टमाटर के दाम अब तक नहीं बढ़े हैं। आम उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा।

ज्यादातर सब्जियां सस्ती
टमाटर अभी भी खुदरा बाजार में 40-50 रुपये किलो मिल रहा है तो लौकी-सीताफल जैसी सब्जियां भी 40-50 रुपये किलो के बीच उपलब्ध हैं। व्रत में सबसे प्रमुख तौर पर खाया जाने वाला आलू भी 20-25 रुपये किलो है। खीरा 30-40 रुपये प्रति किलो के बीच उपलब्ध है। नींबू 80 से 100 रुपये और धनिया भी 150 से 200 रूपये प्रति किलो के बीच उपलब्ध है। यानी भक्तों के व्रत पर फिलहाल महंगाई की ज्यादा मार नहीं पड़ने जा रही है।

जीएसटी दरों में कमी का यहां भी मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों में कमी कर खाने पीने की नॉन ब्रांडेड वस्तुओं को शून्य दर की कैटेगरी में ला दिया है, वहीं ब्रांडेड खाद्य पदार्थों को भी पांच प्रतिशत की सामान्य दरों में ला दिया गया है। इससे व्रत के दौरान खाए जाने वाले पैकेट बंद चिप्स या नमकीन की कीमतें भी कम रहने वाली हैं। इसका लाभ भी आम उपभोक्ताओं को मिलेगा।

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