देश में कैंसर के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों के आकंड़े कैंसर की स्थिति और अधिक भयावह होने का संकेत दे रहे हैं। चारों राज्यों में बीते पांच साल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है। राज्यवार आंकड़ों के तुलनात्मक अध्ययन में पता चलता है कि हर वर्ष कम से कम दो प्रतिशत मरीज बढ़ जाते हैं।
| राज्य | वर्ष 2021 | वर्ष 2022 | वर्ष 2023 | वर्ष 2024 | वर्ष 2025 |
|---|---|---|---|---|---|
| पंजाब | 39,521 | 40,435 | 41,337 | 42,288 | 43,196 |
| हरियाणा | 30,015 | 30,851 | 31,679 | 32,513 | 33,395 |
| उत्तराखंड | 11,779 | 12,065 | 12,348 | 12,642 | 12,947 |
| हिमाचल | 8,978 | 9,164 | 9,373 | 9,566 | 9,761 |
पहाड़ों में भोजन नली के कैंसर के अधिक मामले
हिमाचल कैंसर टर्शियरी केयर सेंटर के निदेशक डॉ. मनीष गुप्ता और उत्तराखंड स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. कैलाश के मुताबिक पहाड़ों में स्मोक्ड फूड के अधिक सेवन के चलते भोजन नली के कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। दोनों राज्यों में कैंसर के कुल मरीजों में करीब 30 से 35 प्रतिशत भोजन नली के कैंसर से पीड़ित हैं।
पंजाब : हर साल 40 हजार से अधिक कैंसर मरीज
पंजाब स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. राजीव देवगन और एम्स बठिंडा के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल गर्ग के अनुसार, राज्य के सभी हिस्सों में कैंसर के मामले सामने आते हैं, लेकिन मालवा बेल्ट ज्यादा संवेदनशील है। विशेषज्ञ इसके पीछे कृषि गतिविधियों, कीटनाशकों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण के कारण जल स्रोतों के दूषित होने जैसी आशंकाएं जताते हैं। एक शोध में भी इलाके में पानी के दूषित होने के संकेत मिले हैं।
हरियाणा : एक तिहाई मरीजाें को तंबाकू जनित कैंसर
हरियाणा के अटल कैंसर टर्शियरी केयर सेंटर के निदेशक डॉ. यशपाल वर्मा के अनुसार, कुल कैंसर मरीजों में एक तिहाई को तंबाकू जनित कैंसर है। इसमें फेफड़ों का कैंसर मुख्य है। हुक्का कल्चर, बीड़ी और सिगरेट के सेवन ने जोखिम और बढ़ा दिया है।
- स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हरियाणा में हर साल 30 हजार से अधिक नए कैंसर मरीज मिल रहे हैं। अगस्त में प्रकाशित एक अध्ययन में 221 कैंसर मरीजों में से 196 तंबाकू सेवन करने वाले मिले। इनमें 46.2% हुक्का पीते थे। 34.8% हुक्का, बीड़ी व सिगरेट तीनों का सेवन करते थे।






